आज हम बात करेंगे इंटरमिटेंट फास्टिंग (intermittent fasting) के बारे में। अगर आप फिटनेस फ्रीक(fitness freak) हैं और हमेशा अपनी फिटनेस को लेकर जागरूक रहते हैं तो आपने इंटरमिटेंट फास्टिंग के बारे में जरूर सुना होगा। लेकिन जिन्होंने पहले कभी इसके बारे में नहीं सुना है लेकिन अपना वजन कंट्रोल(weight control ) करना चाहते हैं, उनके लिए ये आर्टिकल बहुत फायदेमंद हो सकता है। आइये जानते हैं क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग और कैसे ये वजन कम(weight loos ) करने में मदद करता है।

क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग
इंटरमिटेंट फास्टिंग दिनभर के खान-पान का एक अनुशासित शेड्यूल है। इंटरमिटेंट फास्टिंग में आप एक निश्चित समय में ही खाना खाते हैं। इस डाइट प्लान(diet plan ) में कुछ लोग 12 घंटे की और कुछ लोग 14 से 16 घंटे की फास्टिंग करते हैं। जैसे-दोपहर में 12 बजे से पहले लंच करना फिर सीधे रात में 7 बजे डिनर और उसके बाद कुछ भी नहीं खाना। सप्ताह के कुछ दिन या दिन में कुछ घंटे फास्टिंग से फैट बर्न (fat burn ) करने में मदद मिलती है। ज्यादातर लोग वजन कम करने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हैं।

इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरू करने से पहले जरूरी है सलाह
इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरू करने से पहले अच्छे डाइटीशियन(dietitian ) से सलाह जरूर लें कि आपको इंटरमिटेंट फास्टिंग की जरूरत है या नहीं। डाइटीशियन बताएंगे कि आपको आपके वजन के हिसाब से कितने घंटे की फास्टिंग करनी चाहिए।

फास्टिंग के दौरान पानी की ना हो कमी
फास्टिंग में आपको दो खाने के बीच अंतर रखना होता है लेकिन ध्यान रखें इस बीच शरीर में पानी की कमी ना हो, इंटरमिटेंट फास्टिंग में लिक्विट डाइट (liquid diet ) की मनाही नहीं होती है आप पानी की पर्याप्त मात्रा लें और जूस भी ले सकते हैं।

शरीर को फास्टिंग की आदत डालने का दें समय
शरीर में अचानक से आए किसी भी बदलाव को शरीर आसानी से अडॉप्ट नहीं करता और हम बीमार पड़ जाते हैं। इसलिए अचानाक से फास्टिंग ना करें धीरे-धीरे फास्टिंग का समय बढ़ाएं नहीं तो ये आपकी कमजोरी का कारण बन सकता है। याद रहे फास्टिंग के दौरान हार्ड कोर वर्कआउट (workout )भी ना करें। वर्क आउट कर रहे हैं तो जूस या नट्स जरूर लें।
भूल कर ना करें ये गलती
महिलाएं अपने वजन को लेकर ज्यादा ही सोचती हैं और जल्द से जल्द स्लिम बॉडी(slim body ) पाना चाहती हैं लेकिन इसके लिए हमें अपने डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार ही वर्कआउट और फास्टिंग या इंटरमिटेंट फास्टिंग को अपनाना चाहिए। कई बार लड़कियां जरूरत से ज्यादा डाइटिंग या फास्टिंग कर लेती हैं, जिससे उनकी बॉडी में जरूरी पोषक(minerals in body ) तत्वों की भी कमी हो जाती है। लड़कियों को खासकर ध्यान देना चाहिए कि अगर आपको पीरिएड्स के दौरान पेट में दर्द, कमर दर्द या और किसी प्रकार की समस्या की शिकायत है तो पीरियड्स(during periods ) के दौरान फास्टिंग ना करें। साथ ही प्रेग्नेंसी (pregnancy ) में और ब्रेस्ट फीड करा रही मांएं इसे फॉलो ना करें।
इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे
इंटरमिटेंट फास्टिंग का सबसे बड़ा फायदा है वजन को कंट्रोल करना। फास्टिंग में जब पेट खाली रहता है तो शरीर में जमे एक्ट्रा फैट का उपयोग करता है, जिससे फैट बर्न होता है। ज्यादातर लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग वेट लॉस करन के लिए ही करते हैं। इसके साथ-साथ फास्टिंग के दौरान जब हम पानी पीते हैं तो यह शरीर से टॉक्सीन्स को बाहर करने का काम करती है, जबकि भरे पेट में पानी पीने पर पानी का ज्यादातर हिस्सा भोजन के साथ मिलकर उसे पचाने में लगता है.