देवरिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के शताब्दी समारोह में शामिल हुए और छात्रों को संबोधित किया। इस मौके पर पीएम ने यूनिवर्सिटी की तीन इमारतों की आधारशिला भी रखी और कॉफी टेबल बुक्स का एक सेट भी जारी किया। बता देंदिल्ली यूनिवर्सिटी की स्थापना 1 मई 1922 को हुई थी। विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पीएम मोदी ने मेट्रो से यात्रा की। पीएम ने कहा कि पिछली शताब्दी के तीसरे दशक ने स्वतंत्रता संग्राम को नई गति दी थी, अब इस शताब्दी का ये तीसरा दशक भारत की विकास यात्रा को नई रफ्तार देगा।पीएम ने अपने संबोधन में ओटीटी और रील्स का भी जिक्र किया।

मेट्रो से सफर कर पहुंचे दिल्ली
डीयू के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री आम आदमी की तरह मेट्रो में सफर करके पहुंचे। पीएम सुबह 11 बजे लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन पहुंचे, वहां उन्होंने खुद टिकट काउंटर से टोकन लिया और फिर सुरक्षा गार्ड्स के साथ प्लेटफॉर्म पर पहुंचे। सफर के दौरन उन्होंने मेट्रो में बैठे यात्रियों से बातचीत भी की।

भारत के युवाओं पर विश्व का भरोसा बढ़ा है: PM
पीएम ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा- “पहले के समय में छात्र पहले प्लेसमेंट को प्राथमिकता देते थे। एडमिशन का मतलब डिग्री और डिग्री का मतलब नौकरी होता था। आज युवा जिंदगी को इसमें बांधना नहीं चाहते,वे कुछ नया करना चाहते हैं। अपनी लकीर खुद खींचना चाहते हैं। 2014 से पहले भारत में सिर्फ कुछ सौ स्टार्टअप थे। आज इनकी संख्या एक लाख को पार कर गई है। कुछ दिन पहले अमेरिका की यात्रा पर गया था। आपने देखा होगा कि भारत का सम्मान और गौरव कितना बढ़ा है, क्योंकि भारत की क्षमता और भारत के युवाओं पर विश्व का भरोसा बढ़ा है।”

“2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य”
प्रधानमंत्री ने कहा- “आज से 100 साल पहले स्वतंत्रता लक्ष्य था और अब 2047 तक विकसित भारत का निर्माण करना लक्ष्य है। पिछली शताब्दी के तीसरे दशक में स्वतंत्रता संग्राम को नई गति दी। इस शताब्दी का ये तीसरा दशक भारत की विकास यात्रा को नई रफ्तार देगा। आज देशभर में बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय बनाए जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में IIT और IIM जैसी संस्थाओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। ये न्यू इंडिया के बिल्डिंग ब्लॉक्स हैं। कोई भी देश हो उसके शिक्षण संस्थान, यूनिवर्सिटी उसकी उपलब्धि का सच्चा प्रतीक होते हैं।”
“डीयू में कभी 3 कॉलेज थे, आज 90 कॉलेज हैं”
प्रधानमंत्री ने कहा कि- “दिल्लीथ यूनिवर्सिटी का इतिहास खास है। यह सिर्फ एक यूनिवर्सिटी नहीं, बल्कि एक मूवमेंट है। इस यूनिवर्सिटी ने अपने लंबे इतिहास में हर आंदोलन को देखा और जिया है।कभी डियू के 3 कॉलेज हुआ करते थे आज 90 कॉलेज हैं। DU में पढ़ने वाले लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या ज्यादा हो गई है। इसी तरह देश में भी जेंडर रेश्यो में सुधार आया है। शिक्षण संस्थान की जड़ें जितनी गहरी होती हैं, देश की शाखाएं उतनी ही ऊंचाइयों को छूती हैं।”


