देवरिया। उत्तर प्रदेश में नौकरी करने वाले लाखों कर्मचारियों को बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की बड़ी कंपनियों, आईटी सेक्टर, स्टार्टअप्स और ज्यादा कर्मचारियों वाले संस्थानों में हफ्ते में दो दिन (Work From Home Rule) लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार जल्द ही इसको लेकर एडवाइजरी जारी कर सकती है।

ट्रैफिक और ईंधन बचाने पर फोकस

सरकार बढ़ते ट्रैफिक, पेट्रोल-डीजल की खपत और ऊर्जा बचत को ध्यान में रखते हुए नए विकल्पों पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ अहम बैठक की, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसलों पर चर्चा हुई। (UP Work From Home Policy) को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

किन कंपनियों में लागू हो सकता है नियम?

सरकार सबसे पहले उन संस्थानों पर ध्यान दे रही है जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं। इसमें आईटी कंपनियां, बड़ी प्राइवेट कंपनियां, कॉर्पोरेट ऑफिस, इंडस्ट्रियल यूनिट्स और स्टार्टअप्स शामिल हैं। इन संस्थानों को कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की सुविधा देने की सलाह दी जा सकती है।

कम होगा ट्रैफिक और प्रदूषण

सरकार का मानना है कि अगर बड़ी संख्या में कर्मचारी घर से काम करेंगे तो सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी। इससे ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही कर्मचारियों को लंबे सफर से राहत मिलने की उम्मीद है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक इस्तेमाल करने की अपील की है। जिन शहरों में मेट्रो सुविधा उपलब्ध है, वहां निजी वाहनों की बजाय मेट्रो से यात्रा करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा रोडवेज बसों और कार पूलिंग को भी बढ़ावा देने की योजना बनाई जा रही है।

सरकारी दफ्तरों में भी होंगे डिजिटल बदलाव

सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि सरकारी विभागों की 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकें ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएं। इसके साथ ही सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और वर्कशॉप को भी ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल माध्यम से कराने पर जोर दिया गया है। स्कूल और कॉलेजों को भी डिजिटल बैठकों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।

नो व्हीकल डेमनाने का सुझाव

सरकार हफ्ते में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की तैयारी भी कर रही है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और सरकारी अधिकारियों से अपील की है कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें ताकि जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाए।

काम करने का तरीका बदल सकती है नई योजना

सरकार का मानना है कि ये कदम सिर्फ ईंधन बचाने के लिए नहीं बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर उठाए जा रहे हैं। यदि यह योजना लागू होती है तो उत्तर प्रदेश में काम करने का तरीका काफी बदल सकता है और (Uttar Pradesh Employees) को नई कार्यशैली का अनुभव मिलेगा।