देवरिया। सोमवार को लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा चयनित 932 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) वितरित किए। ये अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2024 के तहत 21 विभागों में नियुक्त किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्ती (Government Recruitment) को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि- “वर्ष 2017 के बाद से प्रदेश में करीब 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। सरकार पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ भर्ती प्रक्रिया पूरी कर रही है।”
21 विभागों में मिली नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीपीएससी (UPPSC) ने पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया पूरी की है। मार्च में घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को अब विभिन्न विभागों में जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने चयनित युवाओं और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि मेहनत और ईमानदारी से हासिल किया गया पद ही वास्तविक सफलता की पहचान होता है।
‘सिफारिश और पैसे से मिली नौकरी प्रदेश को पीछे ले जाती है’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं की शिकायतें आम थीं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सिफारिश या पैसे के दम पर पद हासिल करता है, वह प्रदेश को प्रगति नहीं बल्कि दुर्गति की ओर ले जाता है। सीएम ने कहा कि अब प्रदेश में नकलविहीन परीक्षा (Copy-Free Exam) और शुचितापूर्ण चयन प्रक्रिया लागू की गई है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश की छवि तेजी से बदली है।
‘2017 से पहले क्या ऐसी पारदर्शिता संभव थी?’
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वर्ष 2017 से पहले इतनी पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया संभव थी? उन्होंने कहा कि अब युवाओं को बिना किसी भेदभाव के योग्यता के आधार पर नौकरी मिल रही है।उन्होंने बताया कि सरकार ने अब तक 9 लाख सरकारी नौकरियां (Government Jobs) पूरी ईमानदारी के साथ दी हैं।
नए अधिकारियों को दी खास सलाह
मुख्यमंत्री ने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि जिस तरह पारदर्शी तरीके से उनका चयन हुआ है, उसी तरह उन्हें भी जनता की सेवा करनी होगी। उन्होंने कहा कि नौकरी के शुरुआती 10 साल किसी भी अधिकारी के लिए मजबूत नींव की तरह होते हैं। इसी दौरान कार्यशैली और ईमानदारी की पहचान बनती है।
यूपी को ‘Bottom Three’ से ‘Top Three’ तक पहुंचाने का दावा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार योजनाएं बनाती है, लेकिन उन्हें जमीन पर लागू करने की जिम्मेदारी अधिकारियों की होती है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश को देश के पिछड़े राज्यों की श्रेणी से निकालकर शीर्ष राज्यों में पहुंचाने का काम किया गया है।