देवरिया। भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 18 जून के आसपास मॉनसून की एंट्री हो सकती है। यूपी में मानसून सोनभद्र जिले के रास्ते प्रवेश करता है। इसके बाद धीरे-धीरे पूर्वांचल के दूरसे जिलों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

सोनभद्र से होती है यूपी में एंट्री

हर साल की तरह इस बार भी मानसून के सोनभद्र के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ रहे मानसूनी बादल उड़ीसा, झारखंड और छत्तीसगढ़ को पार करते हुए सोनभद्र पहुंच सकते हैं। सोनभद्र के पहाड़ी इलाकों में मानसूनी गतिविधियों के संकेत पहले से दिखाई देने लगते हैं। स्थानीय ग्रामीण और आदिवासी समुदाय भी मौसम के इन बदलावों पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि उनकी खेती काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है।

केरल पहुंचने के बाद रफ्तार तेज

आमतौर पर मानसून 1 जून को केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसकी एंट्री करीब तीन दिन की देरी से हुई। हालांकि, केरल पहुंचने के बाद मानसून ने तेजी पकड़ी और कम समय में कर्नाटक तक पहुंच गया। मौसम विभाग का मानना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही तो उत्तर प्रदेश में मानसून तय समय के आसपास दस्तक दे सकता है।

पूर्वांचल में दिखने लगे संकेत

पूर्वांचल के कई जिलों में प्री-मानसून (Pre-Monsoon Activity) की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र में पुरवा हवाएं चल रही हैं और वातावरण में नमी बढ़ने लगी है। दिन के समय तेज गर्मी के कारण स्थानीय स्तर पर बादल भी बन रहे हैं, हालांकि अभी व्यापक और तेज बारिश की स्थिति नहीं बनी है।

लखनऊ कब पहुंचेगा मानसून?

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहती हैं तो 25 जून के आसपास मानसून प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक पहुंच सकता है। इसके बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश शुरू होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

गुरुवार सुबह पूर्वांचल के कई इलाकों में ठंडी पुरवा हवाएं चलीं, जिससे मौसम कुछ हद तक सुहावना रहा। हालांकि दिन चढ़ने के साथ तेज धूप ने लोगों को फिर परेशान किया। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। स्थानीय गर्मी और बढ़ती नमी के कारण कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है।

किसानों के लिए राहत की उम्मीद

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की समय पर एंट्री किसानों के लिए अच्छी खबर है। धान और खरीफ फसलों की बुआई की तैयारी कर रहे किसानों को मानसून का बेसब्री से इंतजार है। यदि मौसम विभाग का अनुमान सही साबित होता है तो जून के दूसरे पखवाड़े में पूर्वांचल सहित पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो सकता है।