देवरिया। बॉलीवुड अभिनेता Ranveer Singh एक नए विवाद में घिर गए हैं। साल 2025 की बड़ी ब्लॉकबस्टर धुरंधर देने के बाद अब उन्हें लेकर फिल्म इंडस्ट्री में नई बहस शुरू हो गई है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज (FWICE) ने फिल्म Don 3 से कथित तौर पर बाहर होने के मामले में रणवीर सिंह के खिलाफ ‘असहयोग निर्देश’ (Non-Cooperation Directive) जारी किया है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार सवाल उठा रहे हैं कि क्या रणवीर सिंह अब बॉलीवुड में काम कर पाएंगे या नहीं। हालांकि, यह कोई सरकारी बैन नहीं है और न ही कानूनी कार्रवाई। इसके बावजूद FWICE के इस कदम को फिल्म इंडस्ट्री में बड़ा संकेत माना जा रहा है।

क्या होता है FWICE का ‘बैन’?

FWICE का बैन किसी कानूनी रोक की तरह नहीं होता। यह इंडस्ट्री से जुड़े कर्मचारियों और कामगारों के लिए एक तरह का ‘असहयोग निर्देश’ होता है। इसका मतलब यह है कि संगठन से जुड़े लोग संबंधित कलाकार या प्रोडक्शन के साथ शूटिंग और अन्य काम करने से दूरी बना सकते हैं। बॉलीवुड में फिल्म निर्माण का बड़ा हिस्सा टेक्निकल स्टाफ और यूनिट स्टाफ पर निर्भर करता है। ऐसे में इस तरह का फैसला किसी भी प्रोजेक्ट की शूटिंग और प्रोडक्शन को प्रभावित कर सकता है।

क्या रणवीर सिंह बॉलीवुड में काम नहीं कर पाएंगे?

FWICE के इस फैसले का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि रणवीर सिंह अब फिल्मों में काम नहीं कर सकते। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब तक रणवीर सिंह और Excel Entertainment के बीच मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक भारत में उनकी नई फिल्मों की शूटिंग प्रभावित हो सकती है।

रणवीर सिंह से 45 करोड़ रुपये की मांग

रिपोर्ट्स के अनुसार Don 3 के प्रोडक्शन से जुड़े लोगों ने रणवीर सिंह से प्री-प्रोडक्शन पर हुए खर्च के लिए करीब 45 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। FWICE का कहना है कि अभिनेता को कई बार अपनी बात रखने के लिए बुलाया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

रणवीर सिंह फिलहाल Dhurandhar 2 की सफलता का जश्न मना रहे हैं। यह फिल्म भारत की बड़ी कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हो चुकी है। उनकी आने वाली फिल्मों में Pralay भी शामिल है, जिसका निर्देशन Jay Mehta कर रहे हैं। इसके अलावा रणवीर सिंह निर्देशक Aditya Dhar के साथ भी एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।