देवरिया। लखनऊ के वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान के बब्बर शेर पृथ्वी की तबीयत लगभग 7 दिनों से खराब चल रही है। कुछ दिन पहले उसने खाना छोड़ दिया था तब से लगातार उसकी हालत बिगड़ती चली गई। पृथ्वी लखनऊ जू में इकलौता बब्बर शेर है। उसे बेहतर इलाज के लिए अब जू से हटाकर अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। पृथ्वी की दहाड़ से गूंजने वाला जू अब सूना पड़ गया है। वहीं बाड़े में साथ रहने वाली शेरनी वसुंधरा भी बेचैन है और उसने भी खाना कम कर दिया है। चिड़ियाघर घूमने आने वाले पर्यटक भी बाड़े में पृथ्वी को ढूंढते नजर आ रहे हैं।
डॉक्टरों ने उम्र को बताया वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि शेर की उम्र 18 से 20 साल के बीच होती है और पृथ्वी की उम्र 17 साल है। उसकी कमजोरी का कारण उसकी उम्र ही है। उसे किसी प्रकार की बीमारी नहीं है। पृथ्वी को 8 या 9 साल की उम्र में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के जू से लाया गया था । वह जब जवान था तब उसका वजन 200 किलो था जो अब 150 किलो हो गया है। वहीं 10 से 12 किलो मांस खाने वाले पृथ्वी ने खाने के साथ-साथ पानी भी छोड़ दिया है।
जीवन रक्षक दवाओं के भरोसे पृथ्वी
बब्बर शेर पृथ्वी शुरू से काफी फुर्तिला था। जू के केयर टेकर जब उसके लिए खाना लेकर बाड़े में जाते थे तो वह दहाड़ता हुआ खाना खाने पहुंचता था। पृथ्वी के बाड़े में जाने से पहले केयर टेकर को काफी सावधानी बरतनी पड़ती थी। लेकिन शनिवार को जब उसके केयर टेकर ने उसे खाना दिया तब वह अपनी जगह से नहीं हिला। तभी से उसकी हालत बिगड़ी। पृथ्वी की जान बचान के लिए जुटे डॉक्टरों की टीम उसे लगातार जीवन रक्षक दवाएं और इंट्रावेनस फ्लूड दे रही है।
बाड़े में अकेले बेचैन हुई शेरनी वसुंधरा
शेरनी वसुंधरा शुरू से ही पृथ्वी के साथ-साथ एक ही बाड़े में रहती थी। जब से पृथ्वी को अस्पताल में भर्ती किया गया है। वसुंधरा बेचैनी से बाड़े में इधर-उधर घूमते हुए पृथ्वी को ढूंढती रहती है। पृथ्वी के बाड़े में नहीं होने से उसने भी खाना कम कर दिया है। वसुंधरा कभी अकेली नहीं रही और अभी पूरे सात दिनों से वह बाड़े में पृथ्वी के बिना अकेली है। वसुंधरा कभी-कभी गुफा से बाहर आती है फिर जू में घूमने आने वाले लोगों की भीड़ और शोरगुल से परेशान होकर गुमसुम सी बैठ जाती है। वसुंधरा और पृथ्वी के चार बच्चे हैं, जिनमें से दो को दूसरे शहरों के जू में भेज दिया गया था।