देवरिया : एक साल में चार बार नवरात्रि का त्यौहार मनाया जाता है। इनमें दो गुप्त नवरात्रि, एक चैत्र नवरात्रि और एक शारदीय नवरात्रि होती है। अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होने वाले नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इसे शारदीय नवरात्रि कहा जाता है। नवरात्रि में पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। दशमी के दिन दशहरा मनाया जाता है।
बताया जा रहा है कि इस साल नवरात्रि बेहद खास मानी जा रही है। क्योंकि इस बार मां दुर्गा की सवारी खास होने वाली है। क्योंकि इस साल शारदीय नवरात्रि पर मां दुर्गा का वाहन हाथी होगा। इस साल मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आने वाली हैं। इसके अलावा शारदीय नवरात्रि की शुरुआत सोमवार के दिन से हो रही है। कहा जाता है कि जब नवरात्रि सोमवार के दिन से शुरू होती है तो मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं।
नवरात्रि में मां दुर्गा अलग-अलग वाहनों के साथ आती है। मां दुर्गा घोड़े, भैंस, डोली, मनुष्य, नांव और हाथी जैसे चीजों पर सवार होकर आती हैं। लेकिन इनमें से मां दुर्गा का नांव और हाथी पर आना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। इसके अलावा अन्य सभी वाहन अशुभ संकेत होते हैं। मान्यता है कि यदि मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं तो वह अपने साथ ढ़ेर सारी खुशियां लाती हैं। क्योंकि हाथी को ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
नौ दिन कौन-कौन सी देवियों की पूजा की जाएगी जानें
- 26 सितंबर 2022 से नवरात्रि शुरू हो रही है और पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा आराधना की जाएगी।
- 27 सितंबर को दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा की जाएगी।
- 28 सितंबर को नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होगी ।
- 29 सितंबर 2022 को चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा की जाएगी।
- 30 सितंबर को पंचमी तिथि है और इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा होगी।
- 1 अक्टूबर को नवरात्रि का छठा दिन है और इस दिन मां कात्यायनी देवी की पूजा अर्चना होगी।
- 2 अक्टूबर को नवरात्रि की सप्तमी तिथि है और इस दिन मां कालरात्रि की आराधना होगी।
- 3 अक्टूबर को दुर्गाअष्टमी है और इस दिन मां महागौरी की आराधना की जाएगी।
- 4 अक्टूबर को महानवमी है और इस दिन शरद नवरात्रि व्रत का पारण किया जाएगा।
- 5 अक्टूबर 2022 को मां दुर्गा का विसर्जन होगा और दशमी तिथि को दशहरा सेलिब्रेट किया जाएगा।
