देवरिया।थाईलैंड में 12 जुलाई सेशुरू हुए एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत को गोला फेंक खिलाड़ी तेजिंदर पाल सिंह ने शुक्रवार को स्वर्ण पदक दिलाया। तेजिंदर ने दूसरे थ्रो में 20.23 मीटर की दूरी तक गोला फेंका। गोला फेंक में ईरान को रजत और कजाकिस्तान को कांस्य पदक मिला। इस टूर्नामेंट में भारत को 9 पदक मिल चुके हैं जिसमें पांच स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य पदक हैं।
थ्रो के बाद चोटिल हो गए हैं तेंजिदर पाल
तेजिंदर दूसरी बार थ्रो करने के बाद लंगड़ाते हुए आए। उन्हें पेट के निचले हिस्से में खिंचाव की शिकायत है। फिलहाल उनकी चोट कितनी गंभीर है इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है। लेकिन आने वाले महीने में बुडापेस्ट में होने वाले विश्व चैंपियनशिप को देखते हुए यह चिंता का विषय हो सकता है। 2022 में वो इसी समस्या के कारण चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले सके थे। तेजिंदर लगातार दूसरी बार गोल्ड जीतने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं।

उत्तर प्रदेश की दो खिलाड़ियों ने भी दिलाए पदक
चैंपियनशिप में मेरठ की रहने वाली पारुल चौधरी ने भी भारत को एक गोल्ड मेडल दिलाया है। पारुल को यह गोल्ड 3 हजार मीटर स्टीपलचेज में मिला, उन्हें पहली बार किसी अंतर्राष्ट्रिय टूर्नामेंट में मेडल मिला है। वहीं झांसी की शैली सिंह को लंबी कूद में रजत पदक हासिल हुआ। शैली सिंह ने 6.54 मीटर की छलांग लगाकर मेडल जीता। पारुल चौधरी ने टूर्नामेंट के लिए अमेरिका में ट्रेनिंग ली थी।

बुडापेस्ट के चैंपियनशिप में क्वालिफाइ हो सकती हैं पारुल
थाइलैंड में खेल रहे चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ी आने वाले महीनों में बुडापेस्ट में होने वाले चैंपियनशिप के लिए क्वॉलिफाई कर सकते हैं। चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए वर्ल्ड रैंकिंग के हिसाब से चयन किया जाता है लेकिन अगर खिलाड़ी का वर्ल्ड रैंकिंग से चयन नहीं होता तो उसे एशियाई चैंपियनशिप में मिली जीत से भी बुडापेस्ट में होने वाले चैंपियनशिप में जगह मिल सकती है।