देवरिया।रामायण पर बनी फिल्म ‘आदिपुरुष’ को लेकर दर्शकों का इंतजार खत्म हो गया। फिल्म को एक साथ 5 भाषाओं में रिलीज किया गया है। टिकटों की बुकिंग से पहले ही अंदाजा लगा लिया गया था कि ओपनिंग शानदार रहेगी। फिल्म पहले शो से ही हाउसफुल चल रही है। लेकिन रिव्यू उतना खास नहीं दिख रहा, जितनी टिकट की बुकिंग को देख कर लग रहा था। लोग लुक, डायलॉग्स और वीएफएक्स से खासे नाराज नजर आ रहे हैं।
VFX का उड़ा रहा मजाक
फिल्म का टीजर रिलीज होने के बाद से हीVFX को लेकर काफी बवाल हुआ था। जिसके बाद कहा गया कि VFX में करीब 100 करोड़ खर्च करके काफी सुधारा गया है लेकिन फिल्म देखने के बाद इस बात का जरा भी एहसास नहीं होता कि VFX पर कोई काम किया गया है। बहुत सी जगह ऐसा लगता है कि राम के रोल में प्रभास राक्षसों से नहीं बल्कि किसी कार्टून कैरेक्टर्स से लड़ रहे हैं।
रामायण की छवि से बिल्कुल परे चली गई फिल्म
दर्शकों के मन में राम-सीता और रामायण को लेकर एक अलग छवि बसी हुई है और फिल्म आदिपुरुष उस रामायण को मैच नहीं कर पायी। अगर यह फिल्म किसी अच्छे और बुरे कैरेक्टर के बीच की लड़ाई पर बनी होती तो शायद लोग इसे पसंद भी करते पर आदिपुरुष को पसंद किए जाने का पैमाना दर्शकों द्वारा देखी गई रामायण है और उस पैमाने पर आदिपुरुष खरी उतरती हुई नहीं दिखी।
फिल्म के डॉयलॉग्स की हो रही आलोचना
फिल्म में दिए गए डॉयलॉग्स की भी फिल्म समीक्षक आलोचना कर रहे हैं। कारण है फिल्म में असंयमित भाषा का उपयोग जो कि राम कथा में कहीं भी शोभा नहीं देता। अगर हम रामानंद सागर के रामायण की बात करें तो उसमें रावण के संवाद में भी कहीं असभ्यता नहीं दिखी थी लेकिन आदिपुरुष के लंका दहन वाले पार्ट में हुनमान जी मेघनाथ को कहते नजर आते हैं कि- ‘कपड़ा तेरे बाप का, तेल तेरे बाप का है, आग भी तेरे बाप की और जलेगी भी तेरे बाप की’। कैरेक्टर चाहे लंका का हो या श्री राम की सेना का रामायण से प्रभावित फिल्म में ऐसे डायलॉग मैच नहीं करते।
फिल्म के म्यूजिक और BGM ने बचाई इज्जत
फिल्म को तो क्रिटिक्स से अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा लेकिन गाने और बैक ग्राउंड म्यूजिक ने फिल्म की कुछ इज्जत रख ली है। फिल्म में आने वाले अलग-अलग सिक्वेंसेस के हिसाब से बेहतरीन बैकग्राउंड म्यूजिक डाला गया है। फिल्म के गानों ने तो रिलीज के साथ ही दर्शकों का मन मोह लिया था। इन गानों ने फिल्म में भी कहानी की सुंदरता कुछ बढ़ाई है। फिल्म देख चुके लोगों का कहना है सीन के साथ म्यूजिक का कॉम्बिनेशन बेहतरीन तरीके से किया गया है।
स्कूल के बच्चों को दिखाया गया फर्स्ट शो
फिल्म निर्माताओं ने पहले ही घोषणा की थी कि फिल्म के लगभग 10 हजार टिकट स्कूल के बच्चों, अनाथ आश्रम और वृद्धाश्रम को मुफ्त में दिए जाएंगे। फिल्म के रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो शेयर किए जा रहे हैं जिसमें स्कूल के बच्चे फर्स्ट शो देखते नजर आ रहे हैं। ऐसे ही एक वीडियों में स्कूल के बच्चे थिएटर में थ्रीडी ग्लासेस पहने बैठे नजर आ रहे हैं। फिल्म शुरू होने से पहले एक टीचर हनुमान जी की मूर्ति लेकर पहुंचती है और उसे सबसे पहली सीट पर विराजित कराती हैं। मेकर्स ने सभी सिनेमाहॉल के मालिकों से अनुरोध किया था कि फिल्म के पूरे शो तक एक सीट हनुमान जी के लिए रिजर्व रहेगा।