देवरिया।लोक सेवा आयोग ने सोमवार को UPSC CSE के अंतिम परिणाम जारी किए।नतीजों के बाद ऐसे अभ्यर्थियों की कहानियां सामने आ रही हैं, जिन्हें जानकर आपको भी हौसला मिलेगा। ये अभ्यर्थी मेहनत, लगन और समर्पण की वो मिसाल हैं, जो ये बता रहे हैं कि अगर कुछ करने का ठान लिया जाए तो कोई भी मुश्किल आपको हरा नहीं सकती। शारीरिक और आर्थिक हालात आपकी मंजिल में बाधा नहीं बन सकते हैं।

दर्दनाक हादसे के बाद भी नहीं हारी हिम्मत
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के रहने वाले सूरज तिवारी के दोनों पैर, एक हाथ और दूसरे हाथ की दो ऊंगलियां नहीं है। 2017 में जिस वक्त सूरज ग्रेजुएशन कर रहे थे एक ट्रेन हादसे से ने उन्हें दिव्यांग बना दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद भी सूरज ने हिम्मत नहीं हारी। हादसे से उबरने के बाद उन्होंने जेएनयू से बीए किया और फिर एमए की डिग्री लेने के बाद आईएएस की तैयारी शुरू कर दी। सूरज मुख्य रूप से मैनपुरी जिले के कुरावली तहसील में आने वाले मोहल्ला घरनाजपुर के रहने वाले हैं। सूरज के पिता राजेश तिवारी घर चलाने के लए टेलरिंग का काम करते हैं। सूरज के UPSC निकालने की खबर मिलते ही उनके परिवार और पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया उनके परिवार ने पूरे गांव में मिठाई बंटवाई।

सलाम करने वाली नहीं बल्कि सलामी पाने वाले बने राम भजन
दिल्ली पुलिस के साइबर सेल में हेड कॉन्सटेबल राम भजन अब अफसरों को सलाम नहीं करेंगे बल्कि अब लोग उन्हें सलाम करेंगे। राम भजन यूपीएससी क्रैक करके अफसर बनने जा रहे हैं। हेड कॉन्सटेबल की नौकरी करते हुए राम भजन ने UPSC की तैयारी जारी रखी और 2022 में परीक्षा देकर 667वीं रैंक हासिल की है। उनकी सफलता पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें बधाई दी है। राम भजन ने अपने दृढ संकल्प के चलते ही एक नौकरी में रहते हुए UPSC जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी की और उसमें सफलता हासिल की।

36 लाख का पैकेज छोड़ा, 3 बार मिली असफलता पर नहीं मानी हार
पंजाब के लहरागागा के रहने वाले रॉबिन बंसल की सफलता की भी खूब चर्चा हो रही है। रॉबिन ने सिविल सर्विसेस की तैयारी के लिए 36 लाख के पैकज वाली नौकरी ठुकरा दी और अपने लक्ष्य को पाने के लिए तैयारी शुरु कर दी। लेकिन सिविल सर्विसेस में चयन होना आसान नहीं था। तीन बार असफल होने के बाद भी रॉबिन ने हार नहीं मानी और मेहनत करने में लगे रहे।आखिरकार UPSC 2022 में रॉबिन की मेहनत रंग लाई और उन्होंने 135 रैंक हासिल किया।