देवरिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए क्रिमिनल ब्रांच क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट का नाम बदलकर क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट कर दिया है। सरकार का मानना है कि यह बदलाव अपराध अनुसंधान प्रणाली को और अधिक प्रभावी और सरल बनाने में मदद करेगा। गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि अब इस विभाग को CID के नाम से पहचाना जाएगा।
क्या काम करता है यह विभाग?
CID का मुख्य काम अपराधों की गहराई से जांच करना, फॉरेंसिक विश्लेषण करना और अपराधियों की पहचान सुनिश्चित करना है। इसके अलावा, यह विभाग संगठित अपराधों की भी जांच करता है। नाम बदलने से विभाग के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इससे उसकी भूमिका को समझना आसान हो जाएगा।
क्यों बदला गया नाम?
नाम बदलने के बाद भी विभाग की प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं पहले की तरह ही चलती रहेंगी। सरकार का कहना है कि नाम बदलने से विभाग को काम करने में आसानी होगी और विभाग की पहचान लोगों के बीच मजबूत होगी। पहले CBCID नाम जटिल और कठिन समझा जाता था, जिससे आम लोगों में भ्रम की स्थिति बनी रहती थी। CID नाम ज्यादा सरल और आसानी से समझा जाने वाला है। CID नाम पहले से ही लोगों के बीच लोकप्रिय है, जिससे विभाग की पहचान और मजबूत होगी। इससे अपराध जांच प्रणाली में अधिक पारदर्शिता और स्पष्टता आएगी, जिससे पुलिसकर्मियों और आम जनता को विभाग की भूमिका समझने में आसानी होगी।
क्या कार्यप्रणाली में भी होगा बदलाव?
नाम बदलने के बाद भी विभाग की कार्यप्रणाली में कोई बदलाव नहीं होगा। यह विभाग पहले की तरह ही अपराधों की जांच करता रहेगा। बस सरकार ने इसे एक नई पहचान देने की कोशिश की है ताकि इसका कामकाज और अधिक प्रभावी हो सके। विभाग के नाम के अलावा और किसी भी चीज में बदलाव नहीं गया है।
कब से लागू होगा नया नाम?
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने इस बदलाव को मंजूरी दे दी है। गृह विभाग के विशेष सचिव राकेश कुमार मालपानी के हस्ताक्षर के बाद यह आदेश 16 मार्च से लागू माना जाएगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस बदलाव का अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रियाओं पर क्या असर पड़ता है।