देवरिया। महाराष्ट्र में एनसीपी के दो गुट होने के बाद अब उत्तर प्रदेश में ये दावा किया जा रहा है कि वहां भी समाजवादी पार्टी के कुछ विधायक और सांसद अपना दल छोड़कर सरकार के साथ आना चाहते हैं। ये दावा है सुभासपा के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर का। उन्होंनेबिना नाम लिए कहा कि कई सांसद और विधायक उनके संपर्क में हैं, जो सरकार के साथ शामिल होना चाहते हैं और पार्टी से असंतुष्ट चल रहे हैं।


अखिलेश यादव से नाराज हैं विधायक और सांसद: राजभर
ओम प्रकाश राजभर ने कहा- “उत्तर प्रदेश में भी बड़ा हेरफेर होने वाला है, सपा के कुछ विधायक और सांसद दल छोड़कर सरकार के विस्तार में शामिल होना चाहते हैं। कुछ हैं जो लोकसभा का टिकट चाहते हैं, वे दिल्ली तक अपना जुगाड़ बिठा रहे हैं। वे अखिलेश यादव के रवैये से नाराज़ हैं। उत्तर प्रदेश में भी महाराष्ट्र जैसी स्थिति बन सकती है।”

“मायावती को साथ नहीं लाना चाहते हैं पार्टी सदस्य”
राजभर के अनुसार अब उत्तर प्रदेश में स्थिति पहले की तरह नहीं रही। अब मुस्लिम वोटर चार खेमे में बंट गए हैं। उन्होंने कहा- “लखनऊ में मुस्लिम चार खेमें में बंट गए हैं, अब मुसलमान भाजपा को भी वोट दे रहे हैं, मायावती के भी साथ हैं, कांग्रेस को भी उनका वोट जाता है। आप जब नौकरी बांटेगे तब मुस्लिम को नहीं देंगे, जब आपकी सरकार रही आपने मुस्लिम को

डिप्टी सीएम तक नहीं बनाया।”
मायावती को गठबंधन में ना लेना अखिलेश की गलती: राजभर
ओम प्रकाश राजभर की मानें तो सपा के सांसद-विधायक चाहते हैं कि मयावती को भी गठबंधन में शामिल करना चाहिए। समाजवादी पार्टी में हो रही टूट मुख्य कारण मायावती को शामिल ना करना है। इसके सबसे बड़े जिम्मेदार अखिलेश यादव हैं। अगर मायावती भी गठबंधन में शामिल होती हैं तो सपा से अलग होने वाले विधायक-सांसद कहीं नहीं जाएंगे। कांग्रेस भी मायावती को साथ लाना चाहती है। बसपा का जनाधार बहुत बड़ा है।”