देवरिया। भारतीय सेना दुनिया की ताकतवर सेनाओं में से एक है। हमारे जाबांज और बहादुर सिपाहियों की ताकत अब टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर और भी ताकतवर हो रही है। अत्याधुनिक हथियार, तोप और मिसाइल के साथ अब सेना में (Robotics Dog) रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी को भी शामिल किया गया है। भारतीय थल सेना में “रोबोटिक मल्टी-यूटिलिटी लेग्ड इक्विपमेंट” को शामिल किया गया है। ये एक तरह के (Robotics Dog) रोबोटिक डॉग हैं। जो सेना के लिए काफी मददगार साबित हो रहे हैं।
किस तरह काम करेंगे रोबोटिक डॉग ?
डॉग की तरह दिखने वाले ये रोबोटिक डॉग्स(Robotics Dog) कई तरह के काम कर सकते हैं। इन्हें सेना के जवानों के साथ बॉर्डर पर तैनात किया जाएगा। ये इन जगहों पर आसानी से पहुंच सकेंगे जहां जाने में सेना को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जैसे उंचे पहाड़ों, गहरे पानी में और बहुत ज्यादा घने जंगलों में। रोबोटिक्स डॉग रिमोट से ऑपरेट किए जा सकते हैं। इन्हें 10 किलोमीटर दूर बैठकर भी कंट्रोल किया जा सकता है।
चार्जेबल हैं ये Robotics Dog
रोबोटिक्स डॉग्स(Robotics Dog) को चार्च करके चलाया जाता है। एक बार फुल चार्ज के बाद ये करीब 10 घंटे लगातार काम कर सकते हैं। इन रोबोटिक्स डॉग्स की सेना के साथ टेस्टिंग भी की गई है। सेना ने जैसलमेर के पोखरण फायरिंग रेंज में रोबोटिक्स डॉग्स के साथ युद्द अभ्यास भी किया है। ये रोबोटिक्स डॉग हर तरह के परीक्षण में पास हो चुके हैं और सेना के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करने को पूरी तरह तैयार हैं।
क्या-क्या कर सकते हैं ये रोबोटिक्स डॉग?
सेना में शामिल ये रोबोटिक्स डॉग (Robotics Dog) मॉर्डन टेक्नोलॉजी से लैस हैं। इनका डिजाइन इन्हें और भी खास बनाता है। ये डॉग्स जमीन, पानी, रेगिस्तान, बेहद दुर्गम रास्तों और सीढ़ियों पर भी चल सकते हैं। ये रोबोट दुर्गम जगहों पर जवानो की जरूरत का सामान आसानी से पहुंचा सकते हैं। इतना ही नहीं रोबोटिग डॉग्स दुश्मनों के ठिकानों को निशाना बनाकर गोलीबारी करने में भी सक्षम है।
मॉर्डन टेक्नोलॉजी से लैस हैं Robotics Dog
इन रोबोटिक्स डॉग को हर तरह की मॉर्डन टेक्नोलॉजी से लैस किया गया है। इनमें वाई-फाई, LTE यानी लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन का यूज किया जा सकता है। छोटे दायरे को कवर करने के लिए ये वाई-वाई से ऑपरेट हो सकेत हैं। वहीं 4G, LET से इन्हें 10 किलोमीटर के दायरे तक भी कंट्रोल किया जा सकेगा। रोबोटिक्स डॉक्स में इन्स्टॉल किए गए कैमरे 360 डिग्री का व्यू ले सकते हैं। फिलहाल सेना ने 100 रोबोटिक डॉग्स को अपने साथ शामिल किया है।
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