देवरिया।भारत ने अंतरिक्ष की महाशक्ति बनने की तरफ बड़ा कदम बढ़ाया है। शुक्रवार को इसरो ने चंद्रयान-3 की सफल लॉन्चिंग की।चंद्रयान-3 से देश की बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। इसे सफल बनाने के लिए वरिष्ठ वैज्ञानिकों की टीम लगी है। इन्हीं वैज्ञानिकों में से एक हैं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की साइंटिस्ट ऋतु करिधाल श्रीवास्तव। ऋतु को‘रॉकेट वुमन’ के नाम से भी जाना जाता है। वे वुमन इम्पावरमेंट की मिसाल हैं। वे मंगलयान मिशन का भी हिस्सा थीं और उस समय भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। चंद्रयान-3 को लीड करते हुए उन्होंने सफलता की एक और ऊंचाई को छू लिया है।
लखनऊ से ताल्लुक रखती हैं ऋतु करिधाल
उत्तर प्रदेश के लिए यह बड़ी गर्व की बात है कि चंद्रयान जैसे महत्वपूर्ण और बड़े मिशन में राज्य की बेटी बड़ा योगदान दे रही है। ऋतु बचपन से लखनऊ में रहीं और वहीं से उनकी पढ़ाई हुई। उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में MSc किया, उसके बाद बैंगलोर के भारतीय विज्ञान संस्थान में प्रवेश लिया। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें इसरो में नौकरी मिली। ऋतु एयरोस्पेस में स्पेशलिस्ट हैं। देश के वरिष्ठ वैज्ञानिकों में उनका नाम शामिल हैं। बड़े मिशनों में उनकी राय ली जाती है। साल 2007 में ऋतु को यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित भी किया गया था।
ऋतु के हाथों में है चंद्रयान-3 की कमान
‘रॉकेट वुमन’कहलाने वाली ऋतु करिधाल ने चंद्रयान मिशन-2 में मिशन डायरेक्टर की भूमिका निभाई थी। इस बार चंद्रयान-3 में भी उन्हें मिशन डायरेक्टर की भूमिका दी गई है। अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले किसी भी मिशन में उसकी लैंडिग सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। चंद्रयान-3 के लैंडिंग की जिम्मेदारी ऋतु को सौंपी गई है। ऋतु करिधाल को इतनी बड़ी जिम्मेदारी इसलिए दी गई है क्योंकि उन्होंने पहले भी कई बहुत अहम मिशन में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है और खुद को साबित किया है। मंगल मिशन से लेकर चंद्रयान-3 तक सभी मिशनों में महिला वैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उत्तर प्रदेश और देश को ऋतु करिधाल श्रीवास्तव समेत सभी महिला वैज्ञानिकों पर गर्व है।
23 अगस्त को चांद पर पहुंचने की संभावना
शुक्रवार को लॉन्चिंग के बाद चंद्रयान करीब 45 दिन अंतरिक्ष की कक्षा में गुजारेगा। इसके बाद 23 अगस्त की शामतक चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतर सकता है। चंद्रयान की खासियत है कि इस बार ऑर्बिटर साथ नहीं भेजा गया है। चंद्रयान-3 के साथ इस बार देश में ही तैयार किए गए प्रोपल्शन मॉड्यूल भेजे जा रहे हैं जो लैंडर और रोवर को चंद्रमा की कक्षा तक लेकर जाएगा। चंद्रयान-3 अपने साथ 1696.39 फ्यूल के साथ कुल 2145.01 किलो वजन लेकर जा रहा है।