देश को 76वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई

देवरिया। देश आज 76वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी है। राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश को पांच प्रण दिलाए हैं। पहला प्रण है ‘विकसित भारत।‘ दूसरा प्रण है ‘किसी भी कोने में, मन के भीतर अगर गुलामी का एक भी अंश है, हमें उससे मुक्ति पानी होगी।‘ तीसरा प्रण है कि ‘हमें हमारी विरासत पर गर्व होना चाहिए।‘ चौथा प्रण ‘एकता और एकजुटता।‘ पांचवां प्रण ‘नागरिकों का कर्तव्य है।‘ उन्होंने कहा कि आने वाले 25 साल के लिए हमें ‘पंच प्रण’ पर अपनी शक्ति, संकल्पों और सामर्थ्य को केंद्रित करना होगा।

पीएम मोदी ने कहा कि देश के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं पहली चुनौती – भ्रष्टाचार, दूसरी चुनौती – भाई-भतीजावाद, परिवारवाद। एक तरफ वो लोग हैं, जिनके पास रहने के लिए जगह नहीं है और दूसरी तरफ वे लोग हैं जिनके पास चोरी किया माल रखने की जगह नहीं है। ये स्थिति अच्छी नहीं है।

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प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की बड़ी बातें-

  • ‘जय जवान, जय किसान का लाल बहादुर शास्त्री जी का मंत्र आज भी देश के लिए प्रेरणा है। अटल जी ने जय विज्ञान कह कर उसमें एक कड़ी जोड़ दी थी। लेकिन अब अमृत काल के लिए एक और अनिवार्यता है, वो है जय अनुसंधान। जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान।’
  • ‘आज विश्व पर्यावरण की समस्या से जूझ रहा है। ग्लोबल वार्मिंग की समस्याओं के समाधान का रास्ता हमारे पास है। इसके लिए हमारे पास वो विरासत है, जो हमारे पूर्वजों ने हमें दी है। हम वो लोग हैं, जो जीव में शिव देखते हैं, हम वो लोग हैं, जो नर में नारायण देखते हैं। हम वो लोग हैं, जो नारी को नारायणी कहते हैं, हम वो लोग हैं, जो पौधे में परमात्मा देखते हैं। हम वो लोग हैं, जो नदी को मां मानते हैं, हम वो लोग हैं, जो कंकड़-कंकड़ में शंकर देखते हैं।’
  • ‘आत्मनिर्भर भारत, ये हर नागरिक का, हर सरकार का, समाज की हर एक इकाई का दायित्व बन जाता है। आत्मनिर्भर भारत, ये सरकारी एजेंडा या सरकारी कार्यक्रम नहीं है, ये समाज का जनआंदोलन है, जिसे हमें आगे बढ़ाना है।’
  • ‘ये हमारे नौजवान हैं, जो आज नई नई खोज के साथ दुनिया के सामने आ रहे हैं। गुलामी की मानसिकता को हमें तिलांजली देनी पड़ेगी, अपने सामर्थ्य पर भरोसा करना होगा।’
  • भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खोखला कर रहा है, उससे देश को लड़ना ही होगा। हमारी कोशिश है कि जिन्होंने देश को लूटा है, उनको लौटाना भी पड़े, हम इसकी कोशिश कर रहे हैं।
  • आज देश की सेना के जवानों का हृदय से अभिनंदन करना चाहता हूं। मेरी आत्मनिर्भर की बात को संगठित स्वरूप में, साहस के स्वरूप में, सेना के जवानों और सेनानायकों ने जिस जिम्मेदारी के साथ कंधे पर उठाया, उनको आज मैं सैल्यूट करता हूं।
  • आजादी के 75 साल के बाद जिस आवाज को सुनने के लिए हमारे कान तरस रहे थे। आज 75 साल के बाद वो आवाज सुनाई दी है। 75 साल के बाद लाल किले पर तिरंगे को सलामी देने का काम पहली बार मेड इन इंडिया तोप ने किया।