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महाकुंभ 2025: पाकिस्तान से कुंभ आएंगे हिंदू, भारत सरकार ने दी अनुमति

देवरिया। महाकुंभ 2025 में हर कोई एक बार आस्था की डुबकी लगाना चाह रहा है। 144 साल में एक बार पड़ने वाले पूर्ण कुंभ का महत्व सिर्फ भारतीय और सनातनी ही नहीं समझ रहे बल्की विदेशों से भी लोग इस अलौकिक धार्मिक महत्व के आयोजन में पहुंच रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान में रहने वाले भारतीयों को भी कुंभ स्नान का मौका दिया जा रहा है। भारत सरकार की तरफ से पाकिस्तान के भारतीयों को कुंभ के लिए वीजा दिया गया है। साथ ही अस्थियां विसर्जित करने की अनुमति भी दी गई है।

अस्थियां लाने की भी मिली अनुमति

बहुत से पाकिस्तानी हिंदू अपने रिश्तेदारों की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करेंगे। भारत सरकार ने इन्हें विशेष अनुमति दी है, ताकि वे अपने धार्मिक संस्कारों को पूरा कर सकें। इस धार्मिक कार्य का नेतृत्व महंत श्री रामनाथ महाराज करेंगे, जो पहले भी 2011 और 2016 में इसी तरह के आयोजन कर चुके हैं। 2022 में भारत सरकार ने एक नई नीति बनाई, जिसके तहत पाकिस्तान के हिंदू परिवारों को अपने मृतक परिजनों की अस्थियां भारत लाने और गंगा में प्रवाहित करने का अवसर दिया गया। इस बार 480 हिंदू परिवारों की अस्थियां भारत लाई गई हैं, जो गंगा में विसर्जित की जाएंगी।

हरिद्वार और प्रयागराज में अस्थि विसर्जन

इन अस्थियों का विसर्जन महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में गंगा में किया जाएगा। महंत श्री रामनाथ महाराज, जो कराची के श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के प्रमुख सेवक हैं, इस कार्य का नेतृत्व करेंगे। वे अटारी सीमा से भारत में प्रवेश कर चुके हैं। अस्थियों को पहले हरिद्वार में विधिपूर्वक विसर्जित किया जाएगा और फिर प्रयागराज में कुंभ स्नान करने के बाद भी कुछ अस्थियां प्रवाहित की जाएंगी।

अस्थियों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था

इन अस्थियों को पहले मंदिरों या श्मशान घाटों में सुरक्षित रखा गया था, ताकि परिवार की इच्छा के अनुसार इन्हें गंगा में प्रवाहित किया जा सके। यह हिंदू धर्म की आस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जिसे पूरा करने के लिए पाकिस्तान से लोग भारत आते हैं।

पाकिस्तानियों को मिला 10 दिन का वीजा

भारत सरकार ने महंत श्री रामनाथ महाराज को इस धार्मिक कार्य के लिए 10 दिनों का वीजा दिया है। उन्होंने पहले भी 2011 और 2016 में पाकिस्तान से हिंदुओं की अस्थियां भारत भेजी थीं और गंगा में प्रवाहित किया था। इस बार भी भारत सरकार ने अनुमति देकर पाकिस्तान के हिंदू समुदाय को अपने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने का मौका दिया है।

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