देवरिया। संसद का विशेष सत्र इन दिनों काफी गरम माहौल में चल रहा है। महिला आरक्षण बिल को लेकर लोकसभा में गुरुवार को लंबी और तीखी बहस देखने को मिली। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने तर्क रखे और इस मुद्दे पर जमकर राजनीति भी हुई। अब सबकी नजरें आज शाम चार बजे होने वाली वोटिंग पर टिकी हुई हैं, जहां इस अहम बिल का भविष्य तय होगा।
महिला आरक्षण पर संग्राम
लोकसभा में महिला आरक्षण को लेकर माहौल काफी गरम रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर प्रियंका गांधी और असदुद्दीन ओवैसी तक कई बड़े नेताओं ने अपनी-अपनी बात रखी। सत्ता पक्ष ने इसे महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया, वहीं विपक्ष ने इसे जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए। बहस देर रात तक चलती रही और कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
आज होगी वोटिंग
महिला आरक्षण बिल पर आज शाम चार बजे वोटिंग होनी है। ऐसे में सभी दल अपने-अपने सांसदों को लेकर पूरी तैयारी में हैं। यह वोटिंग इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इससे यह तय होगा कि संसद और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता कितना आसान या मुश्किल होगा।
लागू हुआ कानून,फायदा अभी नहीं
दिलचस्प बात यह है कि महिला आरक्षण अधिनियम-2023 को 16 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया गया है। केंद्र सरकार के कानून मंत्रालय ने इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। इसके बावजूद अभी महिलाओं को इसका सीधा फायदा नहीं मिल पाएगा, जिससे लोगों के बीच थोड़ा कन्फ्यूजन बना हुआ है।
मौजूदा लोकसभा में क्यों नहीं मिलेगा आरक्षण
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला कुछ तकनीकी वजहों से जुड़ा हुआ है। साफ तौर पर कहा गया है कि वर्तमान लोकसभा में महिला आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता। असल में यह आरक्षण जनगणना और उसके बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। जब तक ये दोनों प्रक्रियाएं पूरी नहीं होंगी, तब तक आरक्षण लागू नहीं हो पाएगा।
क्या कहता है नोटिफिकेशन
कानून मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में साफ कहा गया है कि संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रावधान 16 अप्रैल 2026 से लागू माने जाएंगे। यानी कानूनी रूप से यह एक्ट अब लागू हो चुका है, लेकिन इसके जमीनी असर के लिए अभी इंतजार करना होगा।
2023 में पास हुआ था ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’
गौर करने वाली बात यह है कि सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को मंजूरी दी थी। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। इसे महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम माना गया था।
कब मिलेगा फायदा
हालांकि 2023 के इस कानून के मुताबिक, यह आरक्षण जनगणना और परिसीमन के बाद ही लागू हो सकता है। पहले यह माना जा रहा था कि 2034 से पहले इसका फायदा नहीं मिलेगा, लेकिन अब सरकार इसे 2029 से लागू करने की दिशा में काम कर रही है। इसी को लेकर संसद में नए संशोधनों पर चर्चा जारी है।