देवरिया। संगम धरती प्रयागराज में माघ मेले के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो चुका है। मेले का पहला स्नान शुक्रवार को पौष पूर्णिमा के साथ शुरू हो जाएगा। स्थानीय प्रशासन मेले की तैयारियों को लेकर पूरी तरह से सतर्क है। अनुमान के अनुसार इस साल भी करीब 5 लाख श्रद्धालु मेले में पहुंचेंगे।
प्रशासन ने इस तरह से की है तैयारियां
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के लिए सभी प्रकार की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखा गया है।
• 6 हजार रनिंग फीट के 14 घाट तैयार किए जा रहे हैं
• कल्पवासियों के लिए कंट्रोल रूप में 5 हेल्पलाइन की सुविधा
• मेला स्थान और शौचालयों में सफाई व्यवस्था
• पीने के पानी के लिए जल निगम को आदेशित किया गया है
• सुरक्षा के लिए 5 हजार पुलिस बल तैनात रहेंगे
• स्नान करने वालों के लिए 200 चेंजिंग रूम बनाए गए हैं
• मेला स्थान कुल 650 हेक्टेयर में व्यवस्थित होगा

जनवरी में ही पड़ रहे सभी प्रमुख स्नान
इस बार सभी प्रमुख स्नान पर्व जनवरी माह में ही पड़ रहे हैं। हर साल इस स्नान पर्व पर डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालु देश-विदेश से प्रयागराज पहुंचते हैं। कल्पवास के लिए भी आस-पास के स्थानों से भी लोग पहुंचते हैं। इस बार पूर्णिमा तिथि 5 जनवरी को रात 1:30 से शुरू होकर 6 जनवरी की सुबह 3.13 तक रहेगी। स्नान पर्व की तिथि इस प्रकार रहेगी।
6 जनवरी- पौष पूर्णिमा
15 जनवरी- मकर संक्रांति
21 जनवरी- मौनी आमावस्या
26 जनवरी-वसंत पंचमी
5 फरवरी-माघ पूर्णिमा
18 फरवरी-महाशिवरात्रि

जानें क्या होता है कल्पवास
कल्पवास एक प्रकार का आध्यात्मिक विकास का जरिया है। इसे करने के दौरान कल्पवासी को जमीन पर सोना होता है और फलाहार, एक समय भोजन या निराहार रहा जाता है। कल्पवाली को 3 समय गंगा में स्नान करना होता है। भजन –कीर्तन में समय बिताना होता है। एक बार कल्पवास की शुरुआत करने के बाद इसे 12 साल करने की परंपरा है। कोरोना काल के बाद इस स्नान पर्व में हर बार की अपेक्षा ज्यादा कल्पवासियों के पहुंचने की संभावना है।