भगवान शिव का प्रिय फूलभगवान शिव का प्रिय फूल

देवरिया : सावन का महीना इस साल 14 जुलाई से शुरू होने वाला है। इस बार सावन के चार सोमवार पड़ेंगे और चारों सोमवार काफी शुभ माना जा रहा है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। सावन में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिव भक्त विधि-विधान से पूजा आराधना में लीन रहते हैं। कहा जाता है कि भगवान शिव एकमात्र ऐसे देवता जो अपने भक्तों की पूजा पाठ से बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। इसलिए सावन के महीने में भगवान शिव को उनके पसंदीदा फूल चढ़ाएं। भगवान शिव को पांच फूल काफी प्रिय हैं। ये पांच फूल चढ़ाने से भगवान शिव हर मनोकामना भक्तों की पूरी करते हैं। आइए जानते हैं उन फूलों के बारे में जो भगवान शिव को काफी पसंद है।

धतूरा : भगवान शिव को धतूरा सबसे ज्यादा प्रिय हैं। ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव को धतूरा चढ़ाने से व्यक्ति को संतान सुख की प्राप्ति होती है। धतूरे के बीजों से औषधि बनाने के लिए एल्कोलाड निकाला जाता है। इसका सेवन बवासीर, मिर्गी व दमा जैसी कई समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए किया जाता है।

मदार : भगवान शिव को मदार भी काफी प्रिय हैं। भगवान शिव को मदार के फूलों की माला चढ़ाने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। मदार सफेद व नीले रंग का फूल होता है। मदार के फूल से बनी माला भगवान शिव को चढ़ाने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं। मदार का फूल कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। यह डायबिटीज, अस्थमा, बवासीर जैसी बीमारियों के लिए फायदेमंद होता है।

गुड़हल : भगवान शिव को गुड़हल का फूल भी पसंद है। भगवान शिव की पूजा करते समय लाल और सफेद गुड़हल का फूल जरूर चढ़ाना चाहिए। इसका विशेष महत्व होता है। गुड़हल जड़ी बूटी के रूप में भी जाना जाता है। बालों से जुड़ी समस्या के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।

मोगरा : सफेद रंग के मोगरा से बनी माला भगवान शिव को चढ़ाने से हर मनोकामना पूरी होती हैं। मोगरा बेहद मनमोहक फूल है। इसकी खुशबू मन को शांति प्रदान करती है। यह फूल त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।

नील कमल : भगवान शिव को नील कमल का फूल सबसे ज्यादा प्रिय है। ऐसी मान्यता है कि हजार कनेर के फूल चढ़ाने से जो पुण्य मिलता है उतना ही पुण्य नीलकमल का एकमात्र फूल चढ़ाने से मिलता है। नील कमल के फूल से दिमाग तेज होता है और मस्तिष्क का विकास भी होता है।