देवरिया : आषाढ़ माह की पूर्णिमा के दिन गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाता है। इस साल 13 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। इस साल गुरु पूर्णिमा को पांच ग्रह मंगल, बुध, गुरु, शुक्र व शनि अपनी राशि में रहकर पंच महापुरुष महायोग बना रहे हैं। यह बहुत ही शुभ योग है। यह गुरु शिष्य का पवित्र पर्व है। इस महापर्व को बहुत श्रद्धा तथा समर्पण से मनाते हैं। मान्यता है कि गुरु ही भगवान तक पहुंचने का मार्ग बताते हैं। इसलिए गुरु को विशेष स्थान दिया गया है।
गुरु पूर्णिमा पर करें ये काम
- गुरु पूर्णिमा के दिन श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में नारियल अर्पित करें। भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा करें। सामर्थ्य के अनुसार दान करें।
- पीली मिठाई-वस्त्रों का दान करें।
- जिन विद्यार्थियों को पढ़ाई में दिक्कत आ रही है वह गुरु पूर्णिमा के दिन गाय की सेवा करें।
- गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु जी की पूजा कर उनका आशीर्वाद लें। उन्हें पीले वस्त्र भेंट करें।
- इस दिन माता-पिता, बड़े भाई-बहन की भी पूजा का विधान है।
- गुरु पूर्णिमा के दिन जरूरतमंदों को पीला अनाज दान करें।
- विद्यार्थियों को इस दिन गीता का पाठ करना चाहिए।
- नौकरी में तरक्की पाने के लिए गुरु पूर्णिमा के दिन पीली मिठाई प्रसाद के रूप में बांटें।
इस पर्व पर क्या न करें
- इस दिन शराब या किसी प्रकार का धूम्रपाम न करें ।
- इस दिन किसी से उधार मत लें ।
- आज के दिन घर को पूरी तरफ रखें, गंदगी न फैलाएं ।
- गुरु, माता तथा पिता को कटु वजन मत कहें ।
- गुरु पूर्णिमा के दिन मांसाहारी भोजन कदापि न करें ।इस दिन किस को ऐसा वचन न बोंलें कि उसके हृदय को चोट
- पहुंचे।