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Mahakumbh Shahi Snan: क्यों महत्वपूर्ण है शाही स्नान और क्या हैं तिथियां?

देवरिया। महाकुंभ के लिए सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मेला क्षेत्र में लगभग सभी अखाड़ों आगमन भी हो चुका है। महाकुंभ में सबसे महत्वपूर्ण होता है संगम पर होने वाला शाही स्नान। 13 जनवरी से 26 फरवरी से चलने वाले महाकुंभ में कई पर्वों में शाही स्नान होंगे। क्या आपको पता है कुंभ में शाही स्नान का इतना महत्व क्यों है और इस बार किन तिथियों (Mahakumbh Shahi Snan) में ये शाही स्नान होंगे। आइए जानते हैं शाही स्नान से जुड़ी जरूती बातें और शाही स्नान की तीथियां।

कब-कब होगा शाही स्नान?

महाकुंभ 2025 में 3 प्रमुख और शाही स्नान (Mahakumbh Shahi Snan)होंगे। पहला शाही स्नान कुंभ के दूसरे दिन यानी 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दौरान होगा। दूसरा शाही स्नान मौनी अमावस्या को 29 जनवरी के दिन किया जाएगा। वहीं तीसरा शाही स्नान 3 फरवरी को बसंत पंचमी के दिन होगा। इसके साथ ही कुंभ के दौरान पड़ने वाले माघी पूर्णिमा, पौष पूर्णिमा और महाशिवरात्रि के दिन भी स्नान किया जाएगा लेकिन यह शाही स्नान नहीं बल्की अमृत स्नान हा जाता है।

क्यों महत्वपूर्ण है शाही स्नान?

शाही स्नान, महाकुंभ का सबसे महत्वपूर्ण तिथी होती है। इस दिन कुंभ में आए साधु संतों सबसे पहले संगम पर डुबकी लगाते हैं। शाही स्नान के लिए पूरे देश से आए साधु, संत, अखाड़ों के प्रमुख और नागा साधु अपनी टोली के साथ हाथी-घोड़े पर सावर होकर आते हैं। साधु-संतों के शाही अंदाज और ठाठ के कारण ही स्नान को शाही स्नान नाम दिया गया है। विशेष तिथी पर किए जाने वाले संगम स्नान और भव्यता के कारण ही शाही स्नान का महत्व बढ़ जाता है।

शाही स्नान का धार्मिक महत्व

किसी भी भी कुंभ में सबसे ज्यादा महत्व शाही स्नान  का ही होता है। इस दिन साधु-संत अपने अखाड़े के साथ भव्य जुलूस निकालकर स्नान के लिए पहुंचते हैं। सूर्योदय से पहले ही इनका काफिला निकल पड़ता है। स्नान के लिए अखाड़ों का क्रम भी तय है। सूर्योदय के साथ ही अखाड़े अपने क्रम में संगम में डुबकी लगाने लगते हैं। कहा जाता है
(Mahakumbh Shahi Snan) शाही स्नान से स्वर्ग का द्वार खुल जाता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार शाही स्नान की तिथियों में स्नान करने से जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन सिर्फ स्नान ही नहीं बल्की पूजा-पाठ, तप-ध्यान और दान को भी बड़ा धार्मिक महत्व और शुभ फल देने वाला बताया गया है।

Mahakumbh Shahi Snan की तिथियां 


13 जनवरी , सोमवार- पर्व, पौष पूर्णिमा
14 जनवरी, मंगलवार – पहला शाही स्नान, मकर सक्रांति
29 जनवरी, बुधवार- दूसरा शाही स्नान, मौनी अमावस्या
3 फरवरी, सोमवार- तीसरा शाही स्नान, बसंत पंचमी
12 फरवरी, बुधवार- पर्व स्नान, माघी पूर्णिमा
26 फरवरी, बुधवार- पर्व स्नान, महाशिवरात्रि

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