देवरिया : राजधानी दिल्ली में नगर निगम (एमसीडी) चुनाव के परिणाम बुधवार को आ गए। आम आदमी पार्टी पहली बार एमसीडी में पूर्ण बहुमत के साथ आ गई है। AAP को एमसीडी चुनाव में सबसे ज्यादा 134 सीटों पर जीत मिली है, जबकि भाजपा को 104 सीटों पर ही सिमट गई है। देश की सबसे पुरानी पार्टी काग्रेस को सिर्फ 9 सीटें ही मिलीं। वहीं, तीन सीट पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने कब्जा जमाया है।
मतगणना ठीक 8 बजे शुरू हुई और शुरुवाती रुझानों और परिणामों से लग रहा था कि आप और भाजपा में कांटे की टक्कर रहेगी, मगर जैसे-जैसे दिन ढलता गया, आप का पलड़ा भारी होता गया। शाम होने से पहले ही एमसीडी में कमल कुम्हलाने लगा और आप का सूरज उसके क्षितिज पर चमकने लगा था। इसे लेकर दिल्ली में आम आदमी पार्टी कार्यालय में जश्न का माहौल देखने को मिला।
दोपहर बाद आप के विजयी उम्मीदवार पार्टी कार्यालय पहुंचने लगे। कोई खुली कार में तो कोई ट्रैक्टर तो कोई समर्थकों के हुजूम के साथ आप की भारी जीत के जश्न में शामिल होने के लिए पहुंचा। बताते चले कि भाजपा इससे पहले तीन बार एमसीडी में अपनी सरकार बनाने में सफल रही थी। लेकिन इस बार वह 126 के जादुई आंकड़े से काफी दूर रह गई।
दिल्ली के लोगों को बधाई: केजरीवाल
दिल्ली के लोगों ने बड़ा मैसेज दिया है। पॉजिटिव राजनीति करो, नैगेटिव राजनीति नहीं करनी। जनता के बीच जाकर कहते हैं कि आपके बच्चों के लिए स्कूल, परिवार के लिए इलाज का इंतजाम किया है। हम गाली गलौच नहीं करते। मेरा दिल कहता है कि पॉजिटिव राजनीति बढ़ेगी, तो देश दुनिया का नंबर 1 देश बनेगा। गुंगागर्दी, लफंगई से देश आगे नहीं बढ़ेगा। 75 साल से पीछे है। अब टाइम नहीं है। विकास और पॉजिटिव की राजनीति करनी पड़ेगी। दिल्ली के लोगों को बधाई। सबसे कहता हूं कि अहंकार मत करना। बड़ी-बड़ी सत्ता गिर गई है। कई सारे पार्षद, विधायक, मंत्री बने हैं, कोई अहंकार नहीं करे, अहंकार किया, तो ऊपर वाला माफ नहीं करेगा।
कई उम्मीदवारों की हो गई जमानत जब्त
आम आदमी पार्टी तीन उम्मीदवार केजरीवाल की लहर में भी जमानत नहीं बचा पाए, जबकि भाजपा के 10 व कांग्रेस के 188 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। एमसीडी चुनाव लड़ने वाले 1349 उम्मीदवारों में से 784 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई है। आप की आंधी में राजधानी के मतदाताओं ने छोटे दल बसपा, राकांपा, रालोद सहित 12 दलों को पूरी तरह नकार दिया। इन दलों का चुनाव में खाता भी नहीं खुला और अधिकतर उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
इसी तरह अधिकांश निर्दलीय उम्मीदवार भी जमानत नहीं बचा सके। बसपा के 132 में से 128 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई, जबकि 370 निर्दलीय भी जमानत नहीं बचा सके। तीन चुनाव जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवारों समेत 14 की जमानत बच गई। अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुलमुस्लिमीन के दो उम्मीदवारों की जमानत बच पाई। अन्य किसी भी दल के उम्मीदवारों की जमानत नहीं बच सकी।
क्या कहते हैं आंकड़े
2022 के एमसीडी चुनाव में आप और बीजेपी के बीच वोट शेयर का अंतर केवल 3 प्रतिशत रहा है। 2017 के एमसीडी चुनावों की तुलना में आप ने लगभग 16 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया है, जबकि बीजेपी ने अपना कोर वोट बनाए रखा है। भाजपा ने वोट बैंक को लगभग तीन प्रतिशत बढ़ाया है। आप का वोट शेयर 42.05 फीसदी रहा, जबकि भाजपा का 39.09 फीसदी और कांग्रेस का 11.68 फीसदी रहा।
एमसीडी पर बीजेपी की बादशाहत 1997 से कायम थी। 2022 के चुनाव को छोड़ दें तो 25 सालों में एमसीडी के लिए हुए पांच में से 4 चुनावों में भाजपा का जीत मिली है। सिर्फ 2002 में बीजेपी को कांग्रेस से मात खानी पड़ी थी
