देवरिया। बैतालपुर चीनी मिल को दोबारो चलाने की मांग को लेकर चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति देवरिया के तत्वावधान में जिलाधिकारी कार्यालय परिषर में एक दिवसीय धरने का आयोजन किया गया। धरने के साथ ही संघर्ष समिति के अध्यक्ष बृजेंद्र मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को द्वितीय अनुस्मारक पत्र भी प्रेषित किया गया।


चीनी मिल नहीं चलने पर आंदोलन करेगी समिति
समिति का कहना है कि चीनी मिल को चलाए जाने के संदर्भ में मुख्यमंत्री को दो पत्र लिखे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से मिल को चलाए जाने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन अब तक मिल चालू करने के लिए किसी प्रकार के ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। जिसके चलते किसान परेशान हैं। मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि यदि बैतालपुर चीनी मिल चालू कराने का निर्णय नहीं लिया जाता है तो बैतालपुर चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति को आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।


खनिज उत्पादन का मूल निवासियों को कोई लाभ नहीं: ओझा
धरने को संबोधित करते हुए डॉक्टर चतुरानन ओझा ने कहा कि “अरब देशों में खनिज उत्पादों से मिलने वाले लाभ में वहां के नागरिकों की हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाती है। इसलिए वहां का आम व्यक्ति भी सुखमय जीवन जी पाता है। जबकि हमारे देश में जहां धरती के नीचे बहुमूल्य खनिज पदार्थ दबे हुए हैं, ऐसे आदिवासी इलाकों से कॉरपोरेट और सरकार को होने वाले लाभ में से वहां के मूल निवासियों को कोई लाभ नहीं दिया जाता।” वहीं कर्नल प्रमोद शर्मा ने कहा- “किसान की मेहनत का सारा लाभ कॉरपोरेट जगत के इथेनॉल और लिकर शराब उद्योग से जुड़े लोग हासिल कर रहे हैं। उसमें किसानों की हिस्सेदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।”
धरना प्रदर्शन के दौरान रत्नेश कुमार मिश्र, वेद प्रकाश, अशोक कुमार यादव, राकेश सिंह, राज मंगल सिंह, रामबहादुर राय, राम इकबाल चौहान, झाबर पांडे, ईश्वर शरण , सुभाष यादव, जयप्रकाश सिंह, राकेश बहादुर सिंह, राजू चौहान, अयोध्या याद , कवि सरोज पांडे, अशोक मालवीय भी मौजूद रहे।