सर्दियों में थोड़ी सी सावधानी आपको हर्ट अटैक और स्ट्रोक से बचा लेगी।सर्दियों में थोड़ी सी सावधानी आपको हर्ट अटैक और स्ट्रोक से बचा लेगी।

देवरिया। यह एक वैज्ञानिक और चिकित्सकीय तथ्य है कि BP यानी Blood Pressure के मरीजों को सर्दियों में ज्यादा खतरा होता है। ठंड के मौसम में हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामले औसत से ज्यादा बढ़ जाते हैं। इसमें भी बीपी के मरीजों को Heartattack और Stroke का खतरा सबसे ज्यादा होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ठंड में नसें सिकुड़ जाती हैं। दरअसल शरीर को गर्म बनाए रखने के लिए ठंड लगने पर शरीर की रक्त वाहिकाएं (blood vessels) सिकुड़ती हैं। इससे रक्त प्रवाह में रुकावट आती है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। – Heart attacks and strokes in winters

हर 20 किलो वजन पर पीएं एक लीटर पानी

सर्दियों में हमारे शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है क्योंकि खुद को गर्म रखने के लिए शरीर को ज्यादा ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। इससे दिल को ज्यादा तेजी से काम करना पड़ता है, जिससे BP बढ़ जाता है। इसके अलावा सर्दियों में धूप और हमारी शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं। लोगों का घर से बाहर निकलना भी कम हो जाता है। इससे वजन बढ़ने लगता है। इससे भी बीपी बढ़ सकता है। इसके अलावा प्यास कम लगने की वजह से हम पानी कम पीते हैं। इससे भी हमारा खून गाढ़ा होने लगता है और BP बढ़ जाती है। अपने वजन के हिसाब से पानी पीएं। हर 20 किलो के वजन पर एक लीटर पानी की जरूरत होती है। यानी अगर आप 60 किलो के हैं तो कम से कम 3 लीटर पानी जरूर पीएं। 100 किलो के हैं तो 5 लीटर पानी रोज पीएं।

हम भारतीय, मानक से दोगुना नमक खा रहे

आपने देखा होगा कि सर्दियों में हमारा खान-पान बदलता है। पहले जौ-बाजरे जैसे मोटे अनाजों के पकवान बनते थे, लेकिन अब प्रोसेस्ड फूड सबसे ज्यादा होता है। नमक और तली-भुनी चीजों की खपत तो और ज्यादा बढ़ी है। अब तो रेडीमेड खाने की डिमांड भी ज्यादा है। WHO के मानकों के अनुसार, एक वयस्क व्यक्ति को रोज सिर्फ 5 ग्राम नमक की जरूरत होती है, जबकि हम औसतन 11 ग्राम नमक खा रहे हैं। ये हमारी जरूरत से दोगुने से ज्यादा है। भारत में अचार, पापड़, नमकीन ज्यादा खाने से भी नमक की मात्रा बढ़ी है।

देश में इस वक्त 21 करोड़ वयस्क बीपी के मरीज हैं

WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के आंकड़ों के अनुसार, इस वक्त देश का हर तीसरा वयस्क बीपी का मरीज है। जबकि 10 साल पहले 2015-16 तक यह आंकड़ा हर पांचवें वयस्क का था। इसका सीधा मतलब है कि 10 वर्षों में BP के मरीजों की संख्या और प्रतिशत दोनों में बहुत ज्यादा वृद्धि हुई है। भारत में 21 करोड़ से अधिक वयस्क हाई ब्लड प्रेशर का सामना कर रहे हैं, जो देश की आबादी का लगभग एक तिहाई हिस्सा है। भारत में समस्या गंभीर इसलिए भी है कि ज़्यादातर लोगों को पता ही नहीं है कि उन्हें बीपी की समस्या है। इस वजह से उन्हें इलाज भी नहीं मिल पाता।

ये भी पढ़ें- Reels और Video देख खुद को बीमार समझ रहे किशोर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से ही इलाज पूछ रहे हैं

ये भी पढ़ें- फर्श पर लेटने से हल्का महसूस होता है, तनाव दूर होता है, थकान मिटती है और अच्छी नींद आती है

सर्दियों में BP के मरीज कैसे रखें खुद का ध्यान?

शरीर को ठंड से बचाएं

सबसे जरूरी है कि खुद को गर्म रखें। सिर, गर्दन, हाथ और पैर हमेशा ढककर रखें। घर में भी पैरों में मोजे पहनें। सुबह बहुत ठंड में बाहर न निकलें। नहाने के लिए गुनगुना पानी ही इस्तेमाल करें और बाथरूम के अंदर जाने पर ही कपड़े निकालें। बाथरूम से ही अपने कपड़े पहनकर बाहर निकलें।

BP की नियमित जांच जरूरी

यह सच है कि बार-बार बीपी नापना बहुत अच्छी बात नहीं है। लेकिन हफ्ते में कम से कम 2 बार BP जरूर चेक करें। बीपी की दवा बिना डॉक्टर की सलाह के बंद न करें। BP Reading नोट करते रहें। इसके लिए एक चार्ट बनाकर रखें और जब भी डॉक्टर से मिलें अपना बीपी चार्ट उन्हें जरूर दिखाएं।

इस मौसम में क्या खाएं

इस मौसम में पालक, मेथी, लौकी जैसी हरी सब्जियां खूब मिलती हैं। इन्हें खूब खाएं। सेब, संतरा, अनार, अमरूद जैसे फल दोपहर में धूप में बैठकर खाएं। दलिया, ओट्स, ब्राउन राइस खाएं। लहसुन BP कंट्रोल करने में बहुत मदद करता है। सर्दियों में रोज लहसुन का सेवन करें। सीमित मात्रा में अखरोट, अलसी और बादाम भी खाएं।

इस मौसम में क्या न खाएं

रोज 5 ग्राम से ज्यादा नमक न खाएं। अचार, पापड़, नमकीन बहुत कम खाएं। न खाएं तो और बेहतर। फास्ट फूड और पैकेट वाले खाद्य पदार्थ बिल्कुल न खाएं। ज्यादा चाय-कॉफी भी न पीएं। शराब तेजी से BP बढ़ाती है। बीपी के मरीज इसका सेवन भी न करें।

सर्दियों में व्यायाम कैसे करें

सुबह-सुबह कोहरे में न निकलें। धूप निकलने के बाद पूरे कपड़े पहनकर 30 मिनट टहलें। हल्की स्ट्रेचिंग और योग के साथ ही प्राणायाम और ध्यान करें। बहुत ठंड में अचानक तेज व्यायाम न करें। सुबह-सुबह ठंडी हवा में दौड़ना और शरीर को वार्मअप दिए बिना एक्सरसाइज कभी न करें।

BP मरीजों के लिए फायदेमंद योग

अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, सुखासन में ध्यान बीपी मरीजों के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है। आधे घंटे धूप में जरूर बैठें। अचानक तेज सिरदर्द, सीने में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, चक्कर या बेहोशी होने पर डॉक्टर के पास जाएं।
कह सकते हैं कि सर्दियों में हाई BP सिर्फ मौसम की समस्या नहीं, बल्कि सावधानी की परीक्षा है। नियमित जांच, सही खान-पान, हल्का व्यायाम और ठंड से बचाव- बस इन चार बातों से जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें- ऐसी बीमारियों के साथ जन्मे जिसमें हड्डियां टूटती रहती हैं… हौसला ऐसा कि बन गए डॉक्टर-इंजीनियर

ये भी पढ़ें- इस सर्दी में रूखी नहीं होगी आपकी त्वचा, ये छोटी-छोटी टिप्स करेंगे आपकी मदद