देवरिया। एनडीए ने आखिरकार उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। इस बार महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन (cp radhakrishnan) को उम्मीदवार बनाया गया है। यह फैसला उस समय लिया गया जब मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद से ही यह चर्चा तेज थी कि एनडीए किस चेहरे पर दांव लगाएगा, और अब इंतजार खत्म हो गया है।
BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दी जानकारी
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीपी राधाकृष्णन (cp radhakrishnan) के नाम का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष का भी सहयोग लिया जाएगा ताकि निर्विरोध चुनाव की संभावना बढ़ सके। नड्डा ने यह भी जोड़ा कि एनडीए के सभी सहयोगी दलों ने राधाकृष्णन के नाम पर सहमति जता दी है और विपक्ष से भी सकारात्मक बातचीत की जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी शुभकामनाएं
सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी। अपने संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि राधाकृष्णन (cp radhakrishnan) ने लंबे सार्वजनिक जीवन में अपनी लगन, विनम्रता और अनुभव के बल पर विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने हमेशा समाज सेवा और वंचित वर्गों के उत्थान को प्राथमिकता दी है। मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि राधाकृष्णन ने तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर व्यापक कार्य किया है और एनडीए का यह निर्णय सही मायनों में लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है।
कौन हैं सीपी CP Rradhakrishnan?
सीपी राधाकृष्णन का पूरा नाम चन्द्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन है। उनका जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले में हुआ था। वे वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं।
- उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत आरएसएस और जनसंघ से की थी।
- साल 1998 और 1999 में वे कोयम्बटूर से लोकसभा सांसद चुने गए।
- 2003 से 2006 तक वे तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे।
- फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक वे झारखंड के राज्यपाल रहे।
- इसी दौरान उन्होंने तेलंगाना (मार्च-जुलाई 2024) और पुडुचेरी (मार्च-अगस्त 2024) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।
- 31 जुलाई 2024 से वे महाराष्ट्र के राज्यपाल के पद पर कार्यरत हैं।
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ दे चुके हैं इस्तीफा
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को सौंप दिया था। इस्तीफे के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी सांसदों का आभार व्यक्त किया। एनडीए के इस ऐलान के बाद उपराष्ट्रपति चुनाव का सस्पेंस खत्म हो गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विपक्ष इस फैसले पर क्या रुख अपनाता है और क्या राधाकृष्णन निर्विरोध चुने जाएंगे।