देवरिया। उत्तराखंड के कुछ इलाकों में हो रही लगातार बर्फबारी की वजह से शुक्रार को चमोली जिले के बद्रीनाथ में सीमांत माणा गांव के पास हिमस्खलन (Uttarakhand Avalanche)की घटना हो गई। इससे वहां सड़क निर्माण में लगे BRO के 55 मजदूर बर्फ की मोटी परत में फंस गए थे। घटना की सूचना मिलते ही तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरु किया गया। जिसके बाद कुछ मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया वहीं कुछ मजदूर अभी भी फंसे हुए हैं।

47 मजदूर सुरक्षित, 8 की तलाश जारी

हिमस्खलन (Uttarakhand Avalanche) के बाद मौके पर करीब 6 फूट बर्फ की चादर बिछ गई थी उसके बाद भी सेना के जवानों ने भारी बर्फबारी के बीच भी बचाव कार्य जारी रखा और शुक्रार शाम तक 47 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं 8 मजदूर अब भी लापता हैं।  प्रदेश के आपदा प्रबंधन और पुनर्वास केंद्र की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार यह घटना बद्रीनाथ धाम से छह किलोमीटर आगे हुई हिमस्खलन (Uttarakhand Avalanche) की घटना में पहले 57 मजदूरों के फंसे होने की सूचना मिली थी लेकिन अब स्थानीय प्रशासन ने बताया है कि दो मजदूरों के छुट्टी पर होने के कारण मौके पर 55 मजदूर थे।

सुबह-सुबह हुआ हादसा

चमोली में यह हादसा (Uttarakhand Avalanche) सुबह-सुबह करीब 7.30 बजे हुई। ये रास्ता सेना के काफिले का मुख्य रूट है। यहां से सेना की गाड़िया आते जाते रहती है। यहां मजदूर गाड़ियों के लिए ही रास्ते पर जमी बर्फ को हटाने का काम करते हैं। बर्फ से निकालने के तुरंत बाद घायल मजदूरो को अस्पताल में भर्ती किया गया है। जिनमें से कुछ लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है. जिस ऊंचाई पर हिमस्खल हुआ है वहां बचाव कार्य करना आसान नहीं है इसके लिए खास तरह से ट्रेन ‘आईबैक्स ब्रिगेड’ को को लगाया गया है। बताया जा रहा है हादसे में फंसे लोगों में यूपी और बिहार के कुछ मजदूर भी शामिल हैं।

मजदूरों को बचाना प्राथमिकता: अमित शाह

घटना पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि, उन्होंने घटना के संबंध में मुख्यमंत्री धामी, आईटीबीपी और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के महानिदेशकों से बात की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए फंसे लोगों को निकालने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। एनडीआरएफ ने बताया कि उसने चमोली के लिए अपनी चार टीम भेज दी हैं। एनडीआरएफ के महानिदेशक पीयूष आनंद ने  बताया कि इनके अलावा चार अन्य इकाइयों को तैयार रहने को कहा गया है। चमोली के आपदा प्रबंधन अधिकारी एन के जोशी ने कहा कि माणा में मौजूद सेना और आईटीबीपी की टीम सुबह से बचाव कार्य में लगे हैं लेकिन बाहर से भेजी गई टीम खराब मौसम के कारण रास्ते में ही फंसी हुई हैं।

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