देवरिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कैबिनेट के मंत्रियों के साथ रामलला के दर्शन किए और उनकी आरती भी की। इसके साथ ही उन्होंने हनुमान गढ़ी में भी पूजन और दर्शन किए। सीएम कैबिनेट के सदस्यों के साथ निर्माणाधीन राम जन्मभूमि मंदिर के अवलोकन के लिए गए हुए थे वहीं पर उन्होंने अस्थायी गर्भगृह में विराजमान रामलला की आरती की। इसके बाद दोपहर अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में मंत्रिपरिषद के साथ करीब 1 घंटे बैठक चली। बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली है।

कुल 14 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

बैठक के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि कैबिनेट ने कुल 14 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। जिसमें, इनलैंड वाटर वे प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव, अयोध्या में श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ विकास परिषद के गठन के प्रस्ताव को और मां पटेश्वरी देवीपाटन विकास परिषद के गठन को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही विधानसभा का शीतकालीन सत्र 28 नवंबर से शुरु किए जाने का भी फैसला कैबिनेट ने लिया है।

अयोध्या के सभी मेलों का हुआ प्रांतीय करण
मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम योगी ने कहा कि बैठक के दौरान कैबिनेट ने हाथरस में दाऊजी लक्खी मेला को प्रांतीयकरण करने का निर्णय, अयोध्या के सभी मेलों को प्रांतीय करण करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वहीं बुलंदशहर में गंगा मेला का प्रांतीय करण व वाराणसी में देव दीपावली आयोजन का प्रांतीय करण करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही अयोध्या मे मांझा जमथरा में 25 एकड़ भूमि पर मंदिर म्यूजियम के निर्माण हेतु प्रस्ताव पास कर दिया गया है। वहीं अयोध्या शोध संस्थान को अंतराष्ट्रीय रामायण वैदिक शोध संस्थान के रूप में विस्तारित करके स्थापित करने को मंजूरी मिली है।