देवरिया | उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। यूपी पुलिस को नई दिल्ली में आयोजित 105वें स्कॉच समिट में वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित SKOCH अवॉर्ड (गोल्ड कैटेगरी) प्रदान किया गया है। यह सम्मान महाकुंभ-25 के दौरान स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) और यूपी पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर द्वारा मेटा सुसाइडल अलर्ट से जुड़ी अभिनव पहल के लिए दिया गया। इस वर्ष स्कॉच समिट की थीम “Governing Viksit Bharat” थी।
DGP राजीव कृष्ण ने लिया सम्मान
105वें स्कॉच समिट कार्यक्रम में यह पुरस्कार पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण को प्रदान किया गया। उनके द्वारा नामित अधिकारियों ने अलग-अलग श्रेणियों में अवॉर्ड ग्रहण किया। ICCC महाकुंभ-25 के लिए तत्कालीन प्रभारी आईपीएस अमित कुमार को सम्मान मिला, जबकि मेटा सुसाइडल अलर्ट से जुड़े अवॉर्ड को डीजीपी के जनसंपर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव और सत्या यादव (डायरेक्टर आउटरीच, साउथ एशिया मेटा/फेसबुक) ने प्राप्त किया।
पुलिसिंग की दिशा में बड़ी उपलब्धि
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लगातार तकनीक आधारित, संवेदनशील और जनोन्मुख पुलिसिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप यूपी पुलिस प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अधिकतम उपयोग पर जोर दे रही है। स्कॉच अवॉर्ड-25 मिलना इस दिशा में किए गए प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त मान्यता है।
महाकुंभ-25 में ICCC बना ‘नर्व सेंटर’
महाकुंभ-25 के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए ICCC को एक केंद्रीय नियंत्रण हब के रूप में विकसित किया गया। इसमें एआई और आधुनिक तकनीकों की मदद से भीड़ प्रबंधन, आपदा प्रतिक्रिया, आपात सेवाओं और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को प्रभावी बनाया गया।
ICCC की प्रमुख उपलब्धियां:
- एआई आधारित सिस्टम से भीड़ का आकलन, व्यक्ति सुरक्षा और यातायात प्रबंधन
- 24×7 निगरानी, सिचुएशन रूम और त्वरित निर्णय प्रक्रिया
- श्रद्धालुओं के लिए चैटबॉट, मास मैसेजिंग और ऐप आधारित सहायता
- पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल
मेटा सुसाइडल अलर्ट से बचीं 1805 जिंदगियां
यूपी पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर ने मेटा (फेसबुक) के सहयोग से आत्महत्या रोकथाम की एक प्रभावी प्रणाली विकसित की है। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित कंटेंट सामने आने पर मेटा द्वारा यूपी पुलिस मुख्यालय को तुरंत अलर्ट भेजा जाता है। इसके बाद 24×7 समर्पित डेस्क पीड़ित की लोकेशन चिन्हित कर संबंधित जिले को सूचना देती है, जहां स्थानीय पुलिस तत्काल सहायता, रेस्क्यू और काउंसलिंग सुनिश्चित करती है।
क्या कहते हैं आंकड़ें ?
1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2025 के बीच मेटा से मिले 1802 अलर्ट के माध्यम से 1805 लोगों की जान बचाई गई। इनमें 1389 पुरुष और 416 महिलाएं शामिल हैं।
आयु वर्ग के अनुसार–
- 13–18 वर्ष: 623 लोग
- 19–25 वर्ष: 905 लोग
- 26–35 वर्ष: 190 लोग
- 35 वर्ष से अधिक: 87 लोग
आत्महत्या प्रयास के मामलों में अब अनिवार्य काउंसलिंग
यूपी पुलिस ने आत्महत्या के प्रयास के सभी मामलों में एक नई पहल शुरू की है। डीजीपी के निर्देश पर अब ऐसे मामलों में मिशन शक्ति केंद्र और 1090 हेल्पलाइन के टेली-काउंसलर के माध्यम से पीड़ित की निरंतर काउंसलिंग की जाएगी, ताकि भविष्य में आत्मघाती विचारों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। यह सम्मान न केवल यूपी पुलिस के तकनीकी नवाचारों का प्रमाण है, बल्कि जनसुरक्षा और जीवन संरक्षण के क्षेत्र में किए गए प्रभावी प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी है।