देवरिया। काफी दिनों से चर्चा में रहे वन नेशन, वन इलेक्शन को बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। वन नेशन वन इलेक्शन के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी। कमेटी के द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट पर मोदी कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। संविधान संशोधन और राज्यों की मंजूरी के बाद इसके लागू होने का रास्ता साफ होगा।

क्या है वन नेशन वन इलेक्शन?
वन नेशन वन इलेक्शन के तहत देश में होने वाले सभी चुनावों को एक साथ करान की तैयारी की जा रही है। सरकार चाहती है कि लोकसभा चुनाव के साथ-साथ विधानसभा चुनाव, नगरीय निकाय चुनाव और पंचायत चुनावों को एक ही दिन या किसी एक तय समय सीमा में एक साथ संपन्न कराया जाए। इससे सरकारी पैसे, संसाधनों और चुनाव से प्रशासनिक काम में पड़ने वाली बाधा जैसी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।

दो चरणों में लागू होगा वन नेशन, वन इलेक्शन: अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि- “एक देश एक चुनाव’ पर समिति ने 191 दिन तक काम किया और 21,558 लोगों से राय ली। 80% लोगों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया, जिसमें 47 में से 32 राजनीतिक दल भी शामिल हैं। समिति ने पूर्व मुख्य न्यायाधीशों, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों, चुनाव आयुक्तों और राज्य चुनाव आयुक्तों से भी बात की।

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि – ‘एक देश एक चुनाव’ दो चरणों में लागू होगा। पहले चरण में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होंगे। दूसरे चरण में स्थानीय निकाय चुनाव (पंचायत और नगरपालिका) होंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार इसे संसद में पेश कर सकती है।

वन नेशन, वन इलेक्शन से क्या फायदा होगा?
वर्तमान में देश में हर 5 सालों में लोकसभा चुनाव होते हैं। वहीं विधानसभा चुनाव अलग-अलग राज्यों के विधानसभा के कार्यकाल पूरा होने पर कराए जाते हैं। इसके अलावा नगरीय निकाय चुनाव औकर पंचायत चुनाव भी अलग से आयोजित कराए जाते हैं। सरकार का कहना है कि बार-बार चुनाव का आयोजन करने पर होने वाले खर्च में कमी आएगी।

चुनाव ड्यूटी की वजह से सरकारी विभागों के काम पर भी असर पड़ता है। एक बार में चुनाव होने से एक ही बार यह सारी व्यवस्थाएं करनी होगी। साथ ही बार बार चुनाव के लिए लगन वाले आदर्श आचार संहिता की वजह से विकास कार्यों में ब्रेक लग जाती है। यह देश के विकास को धीमा कर देती है। वन नेशन वन इलेक्शन से इन सभी समस्याओं से निपटा जा सकेगा।