देवरिया। किसी भी देश के विकास में उस देश की सड़कों का बड़ योगदान होता है। क्योंकी सड़के अच्छी होन से गांव की शहरों से शहरों की महानगरों से और एक राज्य से दूसरे राज्य की कनेक्टिविटी अच्छी होती । अच्छी कनेक्टिविटी होने से व्यापार और रोजागार दोनों का विकास तेजी से होता है। मोदी सरकार ने हमेशा से ही देश की सड़कों को लेकर अच्छा काम किया और इसी दिशा में केंद्रीय कैबिनेट ने एक और बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना का नाम नेशनल हाई स्पीड रोड कॉरिडोर है।

8 नेशनल हाई स्पीड रोड कॉरिडोर को मिली मंजूरी

इस प्रोजेक्ट के तहत पूरे देश में 8 नए हाई स्पीट एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है जिसके तहत 936 किलोमीटर लंबे 8 नेशनल हाइवे का निर्माण लगभग 50 हजार करोड़ रुपए की लागत से तैयार की जाएंगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि- “पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने नैशनल हाई स्पीड कॉरिडोर परियोजनाओं के विकास को मंजूरी दी है, जिसकी लागत 50,655 करोड़ रुपये की होगी”।

इन शहरों को होगा सीधा फायदा

इस रोड कॉरिडोर के तैयार हो जान से देश के अहम बड़े शहरों के बीच की दूरी कम हो जाएगी। इससे ना सिर्फ समय की बजत होकी बल्की आनेजाने और सामान ट्रांसोपर्ट करने में भी कम पैसे खर्च होंगे। एक्सप्रेस वे के बन जाने के बाद आगरा-ग्वालियर, कानपुर-लखनऊ, खड़गपुर-मोरेग्राम, रायपुर-रांची, अहमदाबाद, पुणे, नाशिक, अयोध्या और गुवाहाटी को सीधा-सीधा फायदा पहुंचेगा। इतना ही नहीं सरकार का दावा है कि इस प्रोजेक्ट के शुरु होन से लेकर पूरा होन तक 4.42 करोड़ दिन के बराबर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार भी प्रदान करेगा।


इतने हाई स्पीड रोड कॉरिडोर का होगा निर्माण
यह प्रोजेक्ट देश के लगभग सभी मुख्य क्षेत्रों को कवर करेगा। जिसमें 4 लेन, 6 लेन और जरूरत पड़ने पर 8 लेन सड़कें भी बनाई जाएंगी। इस प्रोजेक्ट के बनने से कई शहरों और राज्यों के बीच सफर करने में लगने वाले समय में 50 फीसदी तक कमी आएगी। 8 हाई स्पीट एक्सप्रेस वे में ये प्रोजेक्ट शामिल हैं-

आगरा-ग्वालियर नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर

लंबाई- 88 किलोमीटर
लागत- 4 हजार 613 करोड़ रुपए
फायदा- आगरा और ग्वालियर के बीच की दूरी 7 फीसदी कम होगा, लगने वाला समय 50 फीसदी कम होगा।
खड़गपुर-मोरेग्राम नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर
लंबाई- 231 किमी का 4 लेन एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर
लागत- 10 हजार 247 करोड़ रुपये
फायदा- खड़गपुर- मोरेग्राम हाईवे की क्षमता 5 गुना तक बढ़ेगी।
पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी


थराड़-देसा-मेहसाना-अहमदाबाद नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर

लंबाई- 214 किमी का 6 लेन एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर
लगात- 10 हजार 534 करोड़ रुपये
फायदा- अमृतसर-जामनगर कॉरिडोर और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को लिंक मिलेगा।
गुजरात, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
थराड़-अहमदाबाद की दूरी को 20 फीसदी, ट्रेवल टाइम 60 फीसदी कम होगा।

अयोध्या रिंग रोड

लंबाई- 68 किमी 4 लेन एक्सेस कंट्रोल रिंग रोड
लागत- 3 हजार 935 करोड़ रुपये
फायदा- अयोध्या कई नेशनल हाईवे से कनेक्ट हो जाएगी।
राम मंदिर दर्शन करने आने श्रद्धालुओं को होगा फायदा।
लखनऊ और अयोध्या के एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन के लिए बढ़ेगी कनेक्टिविटी
रायपुर-रांची नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर
लंबाई- 137 किलोमीटर का 4 लेन एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर
लागत- 4 हजार 473 करोड़ रुपए
फायदा- माइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग हब के लिए बनेगी कनेक्टिविटी

कानपुर रिंग रोड

लंबाई- 47 किमी की 6 लेन एक्सेस कंट्रोल रिंग रोड
लागत- 3 हजार 298 करोड़ रुपये
फायदा- जाम से मुक्त होगी कानपुर नगरी
उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच माल परिवहन होगा आसान

गुवाहाटी रिंग रोड और बायपास
लंबाई- 121 किमी लंबे 4 लेन एक्सेस कंट्रोल प्रोजेक्ट
लागत- 5 हजार 729 करोड़ रुपये
फायदा- प्रोजेक्ट के तहत ब्रह्मपुत्र नदी पर नया ब्रिज बनेगा

नाशिक-पुणे कॉरिडोर

लंबाई- 30 किलोमीटर लंबा 8 लेन एलिवेटेड हाई स्पीड कॉरिडोर
लागत- 7 हजार 827 करोड़ रुपये
पिपरी चिंचवाड में लगने वाले जाम से मिलेगी राहत
इंडस्ट्रियल सेंटर्स को होगा फायदा