देवरिया। हनुमान जी को प्रभु श्रीराम का सबसे बड़ा भक्त मान जातw है। कहा जाता है जहां श्री राम की पूजा होती है और जिस स्थान पर राम कथा होती है वहां पर हनुमान जी किसी ना किसी रूप में उपस्थित रहते हैं। ऐसा ही कुछ अद्भुत नजारा मंगलवार को अयोध्या राम मंदिर में देखने को मिला। 23 जनवरी को राम मंदिर आम जनता के लिए खोल दिए गए थे। इसी बीच एक वानर भी गर्भगृह में घुस आया। इस पूरी घटन को विस्तार से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष चंपत राय ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है जो कुछ इस तरह है।
जब गर्भ गृह में कैसे घुसा बंदर
चंपत राय ने 23 जनवरी को यह सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा –“आज श्री रामजन्मभूमि मंदिर में हुई एक सुंदर घटना का वर्णन: आज सायंकाल लगभग 5:50 बजे एक बंदर दक्षिणी द्वार से गूढ़ मंडप से होते हुए गर्भगृह में प्रवेश करके उत्सव मूर्ति के पास तक पहुंचा। बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने देखा, वे बन्दर की ओर यह सोच कर भागे कि कहीं यह बन्दर उत्सव मूर्ति को जमीन पर न गिरा दे। परन्तु जैसे ही पुलिसकर्मी बंदर की ओर दौड़े, वैसे ही बंदर शांतभाव से भागते हुए उत्तरी द्वार की ओर गया। द्वार बंद होने के कारण पूर्व दिशा की ओर बढ़ा और दर्शनार्थियों के बीच में से होता हुआ, बिना किसी को कष्ट पहुंचाए पूर्वी द्वार से बाहर निकल गया। सुरक्षाकर्मी कहते हैं कि ये हमारे लिए ऐसा ही है, मानो स्वयं हनुमान जी रामलला के दर्शन करने आये हों।”
पृथ्वी पर चिरंजिवी हैं बजरंगबली
हनुमान जी को चिरंजिवी माना जाता है। मान्यता है और शास्त्रों में वर्णन है कि वह अब भी पृथ्वी पर ही निवास करते हैं। उन्हें प्रभु श्री राम ने चिरंजिवी होने का वरदान दिया है। धरती पर रहने का उनका उद्देश्य धर्म की रक्षा करना और लोगों में प्रभु भक्ति को जीवित रखना है। माता सीता हनुमान जी को पुत्र मानती थीं। अयोध्या में प्रभु श्री राम के बाद हनुमान जी का ही स्थान है। हनुमानगढ़ी में सदियों ने उनकी पूजा और सेवा होती आ रही है। एक कथा के अनुसार प्रभु श्री राम ने अपने पुत्रों लव को शरावती राज्य सौंपा था और कुछ को कुशावती। तब माता सीता के कहने पर हनुमान जी को अयोध्या सौंपा गया था। हनुमानगढ़ी में राजा के रूप में ही उन्हें पूजा जाता है।
