देवरिया। देश में जिस वक्त कोरोना ने कोहराम मचा रखा था, उस वक्त उपलब्ध वैक्सीन करोड़ों लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हुई थीं। लोगों में भी कोरोना से बचने के लिए वैक्सीन लगवाने की होड़ लगी हुई थी। सरकार भी लोगों को हर तरीके से वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक कर रही थी। लेकिन कोविशील्ड वैक्सीन जिसे भारत में सबसे ज्यादा लोगों ने लगवाया है, उस पर बड़ा खुलासा हुआ है, जो चौंकाने वाला है। कोविशील्ड निर्माता कंपनी ने वैक्सीन के कुछ गंभीर साइड इफेक्ट्स को स्वीकार किया है।
इस तरह के साइड इफेक्ट हो सकते हैं
जिस समय कोरोना की वैक्सीन आनी शुरु हुई थी, उस समय भी वैक्सीन के साइड इफेक्ट को लेकर कई तरह की बातें हुई थी लेकिन किसी तरह का कोई प्रमाण नहीं था। अब साइड इफेक्ट के तमाम दावों के बीच कोविशील्ड टीका बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका ने अदालत में पेश किए दस्तावेजों में पहली बार यह स्वीकार किया है कि कोविड-19 वैक्सीन की वजह से खून के थक्के जमने जैसे साइड इफेक्ट हो सकते हैं। इससे TTS सिंड्रोम जैसे दुर्लभ साइड इफेक्ट होने की भी संभावना है। इस सिंड्रोम की वजह से ब्रेन हैमरेज और कर्डियक अरेस्ट होने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि कंपनी ने यह भी दावा किया है कि ऐसे साइड इफेक्ट्स के मामलों की संख्या काफी कम है।
पीड़ितों ने दर्ज कराया था मुकदमा
सबसे पहले जैमी स्कॉट नाम के शख्स ने एस्ट्राजेनेका के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। उन्हें अप्रैल 2021 में कोरोना वैक्सीन की डोज ली थी। जिसके उन्होंने ब्रेड डैमेज जैसी स्थाई बीमारियों का सामना करना पड़ा था। जैमी स्कॉट ही नहीं उनके साथ कई अन्य मरीजों में भी TTS के साथ थ्रोम्बोसिस नाम की बीमारी के दुलर्भ संकेत दिखे थे। सभी पीड़ितों ने कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराते हुए मुआवजे की मांग की थी।