देवरिया। अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले भव्य प्राण प्रतिष्ठा के लिए सिर्फ अयोध्या ही उत्साहित नहीं है बल्कि पूरा देश इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। राम के भक्त जहां हैं वहीं पर प्राण प्रतिष्ठा के लिए तैयारियां कर रहे हैं। देश के कोने-कोने में लोग आयोजन के लिए अपनी क्षमता अनुसार चीजें तैयार कर रहे हैं। देश ही नहीं बल्कि देश से बाहर रहने वाले राम भक्त भी इस आयोजन में अपना योगदान देना चाहते हैं। कुछ दिनों पहले ही पाकिस्तान के सिंध समाज ने राम लला के लिए पोषाक तैयार करके राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपा है। सूरत मेंमंदिर को उपहार देने के लिए हीरे का हार तैयार किया गया है। राम लला के लिए बनाई गई चरण पादुका की पहली तस्वीर भी सामने आ गई है।

सूरत के व्यापारी ने बनवाया हीरों का हार
सूरत के एक हीरा व्यापारी ने राम मंदिर के आकार वाला हीरों का हार तैयार करवाया है। इस हार को बनाने में 5 हजार से अधिक अमेरीकी हीरे और 2 किलो चांदी का उपयोग किया गया है। व्यापारी ने बताया कि इस यह विशेष हार व्यवसाय में इस्तेमाल करने के लिए नहीं है बल्की वो इसे अयोध्या के राम मंदिर में उपहार के रूप में भेंट करना चाहते हैं।
40 कारीगरों ने, 35 दिन में तैयार किया हार
इस भारी भरकम और बेशकीमती हार की डिजाइन तैयार करने से इसे आकार देने में 40 कारीगरों ने अपना योगदान दिया। इसे बनाने में 35 दिनों का समय लगा। इस हार में लॉकेट के रूप में राम मंदिर का आकार है जिसे चांदी से बनाकर हीरे जड़े गए हैं। मंदिर के आकार के लॉकेट को दो मोटी चेन के सहारे जोड़ा गया है। जिसमें हाथियों की सुंदर आकृति बनी हुई है। यह हार देखने में काफी सुंदर दिखाई दे रहा है।
1 किलो चांदी और 7 किलो सोने से तैयार हुई चरण पादुका
राम लला की चरण पादुका की भी पहली तस्वीर सामने आ गई है। बताया जा रहा है कि चरण पादुका को 1 किलो चांदी और 7 किलो सोने से बनाया गया है। इसके अलावा इसमें बेशकीमती रत्न भी जड़े हुए हैं। चरण पादुका को हैदराबाद में रहने वाले श्रीचल्ला श्रीनिवास शास्त्री ने बनाया है। पादुका 22 जनवरी को होने वाले समारोह से पहले ही 19 जनवरी को अयोध्या पहुंच जाएगी।
पूरे देश में घुमाई जा रही है चरण पादुका
राम लला की चरण पादुका को पूरे देश में घुमाया जा रहा है। 17 दिसंबर को पादुकाएं रामेश्वर धाम पहुंची थी वहां से इन्हें अहमदाबाद के लिए रवाना किया गया था। चरण पादुकाओं को रामेश्वरम से बदरीनाथ तक के सभी बड़े और प्रतिष्ठित मंदिरों में घुमाया जाएगा। जहां-जहां पादुकाएं पहुंच रही हैं वहां पर लोग आस्था पूर्वक पूजा कर उसे अपने सिर पर रख रहे हैं। प्राण प्रतिष्ठा के बाद पादुकाओं को राम लला के मंदिर में ही रख दिया जाएगा।