देवरिया।मोदी सरनेम वाले मानहानि केस में राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने राहुल गांधी की सजा पर रोक लगा दी है। राहुल गांधी ने गुजरात हाईकोर्ट में अपनी सजा पर रोक लगाने की अपील की थी जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट के फैसले को राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जहां से आखिरकार उन्हें राहत मिल गई है।
राहुल को सावधानी रखनी चाहिए थी: कोर्ट
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक अपील कोर्ट में लंबित है तब तक सजा पर अंतरिम रोक लगी रहेगी। इस बात पर कोई संदेह नहीं है कि बयान अच्छे मूड में नहीं होते हैं, सार्वजनिक जीवन में व्यक्ति से सार्वजनिक भाषण देते समय सावधानी बरतने की उम्मीद की जाती है। राहुल गांधी को और ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को अधिकतम सजा क्यों दी गई। अगर जज ने 1 साल और 11 महीने की भी सजा दी होती तो राहुल गांधी अयोग्य नहीं होते।
कोर्ट में दोनों पक्षों ने दलील
सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने की दलीलें पेश की। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता पूर्णेश मोदी का मूल उपनाम पूर्णेश मोदी नहीं है उन्होंने बाद में अपने नाम के बाद मोदी उपनाम अपनाया है।मानहानि केस की अधिकतम सजा दे दी गई। इसका नतीजा यह होगा कि 8 साल तक जनप्रतिनिधि नहीं बन सकेंगे। वहीं दूसरी तरफ पूर्णेश मोदी के वकील महेश जेठमलानी ने सुनवाई के दौरान राहुल गांधी का वो बयान पढ़ा जिस पर केस किया गया है-“सारे चोरों के नाम मोदी क्यों होते हैं? और ढूंढोगे तो और मोदी चोर निकल आएंगे।उन्होंने कहा कि क्या यह एक पूरे वर्ग का अपमान नहीं है? पीएम मोदी से राजनीतिक लड़ाई के चलते मोदी नाम वाले सभी लोगों को बदनाम कर रहे हैं।
गुजरात कांग्रेस में जश्न का बयान
राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने पर गुजरात कांग्रेस में खुशी का माहौल है। गुजरात के कांग्रेस नेता अमित चावड़ा ने लिखा- “सत्यमेव जयते..नफरत, डर और अन्याय के खिलाफ मोहब्बत और सच्चाई की जीत। जय हिंद।” गुजरात कांग्रेस प्रमुख शक्ति सिंह गोहिल ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गुजरात के सभी शहरों में खुशी मानने का ऐलान किया है।
सदस्यता निरस्त करने का फैसला तुरंत वापस लेना चाहिए: वेणुगोपाल
राहुल गांधी की सजा पर रोक सुप्रीम कोर्ट से रोक लगने पर कांग्रेस महासचिव के.सी वेणुगोपाल ने कहा कि- “अब स्पीकर को फैसला लेना है। पूरे देश और दुनिया की नजर अब स्पीकर पर है। राहुल गांधी की सदस्यता निरस्त करने के फैसले को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। लोकसभा में हमारे विपक्ष के नेता फैसले की कॉपी के साथ अध्यक्ष से आधिकारिक तौर पर अनुरोध करेंगे।”