देवरिया।सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉक्टर बिंदेश्वर पाठक का मंगलवार को निधन हो गया। उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन मंगलवारदोपहर करीब 1 बजकर 40 मिनट पर बिंदेश्वर पाठक जी ने आखिरी सांस ली। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत देशभर ने डॉक्टर पाठक को श्रद्धांजलि दी है।


स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान आया अटैक
80 साल के बिंदेश्वर पाठक 15 अगस्त की सुबह बिल्कुल स्वस्थ थे। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लिया और कार्यक्रम में उन्होंने ही ध्वजारोहण भी किया। तिरंगा फहराने के बाद उन्होंने लोगों को संबोधित करना शुरु किया। कुछ देर संबोधन देने के बाद वो अचानक मंच पर ही गिर गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

1970 में की थी सुलभ इंटरनेशनल की स्थापना
बिंदेश्वर पाठक ने साल 1970 में सुलभ इंटरनेशल की स्थापना की थी। यह संस्था मानव अधिकारों, पर्यावरण स्वच्छता, ऊर्जा के गैर पारंपरिक स्त्रोतों, अपशिष्ट प्रबंधन और खुले में शौच, मैला ढोने जैसे सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए काम करती है। आज देश में सुलभ इंटरनेशनल के करीब 8 हजार 500 से ज्यादा शौचालय और स्नानघर है। सुलभ शौचालय में नहाने के लिए 10 रुपए और शौचालय उपयोग करने के लिए 5 रुपए ले लिए जाते हैं। कहीं-कहीं यह सुविधा मुफ्त भी दी जाती है।

मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे बिंदेश्वर पाठक
डॉक्टर बिंदेश्वर पाठक का जन्म बिहार के वैशाली जिले के रामपुर बाघेला गांव में हुआ था। उनकी मां का नाम योगमाया देवी और पिता का नाम रमाकांत पाठक था। डॉक्टर पाठक को1991 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनके द्वारा स्थापित शौचालय संग्रहालय को टाइम पत्रिका ने दुनिया के 10 सर्वाधिक अनूठे संग्रहालय में स्थान दिया था।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया शोक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि बिन्देश्वर पाठक के निधन का समाचार अत्यंत दुखदाई है। उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में क्रान्तिकारी पहल की थी। उन्हें पद्म-भूषण सहित अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति मुर्मू ने उनके परिवार तथा सुलभ इंटरनेशनल के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त की।


पीएम मोदी ने ट्विट कर जताया दुख
बिंदेश्वर पाठक के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विट कर शोक व्यक्त किया है।उहोंने कहा- “ डॉ. बिंदेश्वर पाठक जी का निधन हमारे देश के लिए एक गहरी क्षति है। वह एक दूरदर्शी व्यक्ति थे जिन्होंने सामाजिक प्रगति और वंचितों को सशक्त बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया।बिंदेश्वर जी ने स्वच्छ भारत के निर्माण को अपना मिशन बना लिया। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन को जबरदस्त समर्थन प्रदान किया। हमारी विभिन्न बातचीत के दौरान स्वच्छता के प्रति उनका जुनून हमेशा दिखता रहा। उनका काम कई लोगों को प्रेरणा देता रहेगा। इस कठिन समय में उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। शांति।”