देवरिया। अयोध्या में सरयू एक्सप्रेस में महिला सिपाही से हुई बर्बरता के 3 आरोपियों में से एक अनीष को STF ने एनकाउंटर में मार गिराया। एनकाउंटर के दौरान दो और आरोपी भी घायल हुए हैं। वहीं एक दरोगा के हाथ में गोली लगी है और 2 सिपाही जख्मी हैं। एनकाउंटर अयोध्या के पूराकलंदर के छतरिवा पारा, कैल रोड पर हुआ। बता दें 31 अगस्त को महिला कॉन्सटेबल बुरी तरह से घायल हालत में सरयू एक्सप्रेस की सीट के नीचे मिली थी। कॉन्सटेबल का अभी भी लखनऊ के ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है।
STF और अयोध्या पुलिस का जॉइन्ट ऑपरेशन
STF को शुक्रवार सुबह आरोपियों के इनायतनगर में छिपे होने की खबर मिली थी, खबर मिलने के बाद STF और अयोध्या पुलिस ने इलाके की घेराबंदी करके सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस के आने की खबर मिलते ही अनीश, विशम्भर और आजाद ने टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आजाद और विशम्भर के पैर में गोली लगी, जबकी अनीश बाइक से फरार हो गया। पुलिस ने पूराकलंदर तक उसका पीछा कर घेरा और सरेंडर करने को कहा लेकिन अनीश ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, इसपर पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की जिसके बाद वह घायल होकर गिर गया। पुलिस ने तुरंत उसे अयोध्या के जिला अस्पतला में भर्ती किया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
क्या है पूरा मामला
अनीश, विशम्भर और आजाद पेशेवर चोर हैं वो 30 अगस्त को भी सरयू एक्सप्रेस में चोरी की नीयत से ही चढ़े थे। अयोध्या पहुंचते-पहुंचते ट्रेन लगभग खाली हो चुकी थी। जिस बोगी में ये तीनों बदमाश बैठे थे वहीं महिला कॉन्सटेबल भी बैठी थी। तीनों बदमाशों की हरकतें कुछ ठीक नहींलग रही थी तीनों मोबाइल पर ब्लू फिल्म देख रहे थे। महिला सिपाही ने अनहोनी की आशंका से अपनी सीट बदल ली लेकिन उन्होंने महिला सिपाही का पीछा किया और जबरदस्ती करने की कोशिश की और कामयाब नहीं होने पर महिला सिपाही पर धारदार हथियार से हमला कर दिया और सिपाही को बुरी तरह से घायल कर दिया। मनकापुर स्टेशन आने पर घबराकर उन्होंने महिला सिपाही को सीट के नीचे छिपा दिया और वहां से भाग खड़े हुए। महिला सिपाही अयोध्या के सावन मेले में ड्यूटी करने जा रही थी।
GRP को ट्रेन में लहूलुहान हालत में मिली थी सिपाही
महिला सिपाही को बदमाशों ने बुरी तरह से घायल कर दिया था जिसकी वजह से वह किसी स्टेशन पर नहीं उतर सकी और ट्रेन की सीट के नीचे ही तड़पती रही। ट्रेन खाली होने की वजह से उसे कहीं से मदद भी नहीं मिली। ट्रेन रात 12 बजकर 50 मिनट पर अपने आखिरी स्टेशन मनकापुर पहुंची और यहीं से तड़ते 3 बजकर 5 मिनट पर अयोध्या के लिए रवाना हुई।अयोध्या में जब जीआरपी के सिपाही ट्रेन पर चढ़े तब उन्होंने सुमित्रा को तड़पते देखा। सुमित्रा के चेहरे पर चाकू से गहरे वार किए गए थे। उसका सिर ट्रेन की खिड़की से टकराया गया था। कॉन्स्टेबल का सिर फटा हुआ था, वर्दी पूरी तरह के खून से सनी हुई थी और कमर के नीचे के कपड़े नहीं थे। महिला सिपाही की इस हालत को देखकर जीआरपी के जवान भी सहम गए। उन्होंने तुरंत अफसरों को सूचना दी। अयोध्या में शुरुआती इलाज देने के बाद महिला सिपाही को लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।