देवरिया।अपने नाम के अनुसार सदी के महानायक अमिताभ बच्चन आज अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं। बिग बी को बधाई देने के लिए उनके मुंबई स्थित घर पर फैन्स का जमावड़ा लगा रहा। बड़ी हस्तियों ने भी उन्हें जन्मदिन की बधाई दी है। उनकी फिल्में, उनकी आवाज, उनके डायलॉग्स पुरानी ही नहीं आज की पीढ़ी को भी दीवाना बनाए रखते हैं। अमिताभ की जिस आवाज की वजह से उन्हें नौकरी नहीं मिली थी, आज वही आवाज जब दुनिया सुनती है, दीवानी हो जाती है। आइए बिग बी के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।
नाम के पीछे भी है दिलचस्प कहानी
अमिताभ बच्चन का जन्म हिंदी के मशहूर कवि हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन के घर 11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद में हुआ। पिता ने पहले अपने बेटे का नाम ‘इंकलाब’ रखा था। इसके पीछे की वजह बताई जाती है अमिताभ बच्चन के जन्म के समय चल रहा स्वतंत्रता आंदोलन। 1942 में जब अमितजी का जन्म हुआ उस समय देश में इंकलाब जिंदाबाद का नारा खूब जोरशोर से चल रहा था। बताया जाता है, जब अमिताभ बच्चन का जन्म हुआ तब हरिवंश राय बच्चन के खास मित्र और कवि सुमित्रानंदन पंथ उन्हें देखने अस्पताल गए, वहां उन्होंने नवजात को देखते ही कहा- “देखों कितना शांत दिखाई दे रहा है, मानों ध्यनस्थ अमिताभ” और इसके बाद उनका नाम इंकलाब की जगह अमिताभ रख दिया गया। अमिताभ बच्चन का असल में उपनाम श्रीवास्तव है लेकिन उनके पिता ने कवि के तौर पर अपने नाम के बाद बच्चन लगाया था जिसे उनकी मां ने और फिर अमिताभ और अजिताभ बच्चन ने आगे बढ़ाया और आज बच्चन ही उनकी पहचान और सरनेम बन गया है।
जन्म पर पिता ने लिखी थी यह कविता
हरिवंश राय बच्चन मानना था कि उनके पिता बेटे के रूप में उनके पास वापस आए हैं। उन्होंने ने अपनी आत्मकथा में इस बात का जिक्र किया है कि उन्होंने अमिताभ बच्चन के जन्म के बाद एक कविता लिखी थी। उनकी वो कविता इस प्रकार है-
“फुल्ल कवल, गोद नवल, मोद नवल, गेह में विनोद नवल।
बाल नवल, लाल नवल, दीपक में ज्वाल नवल।
नवल दृश्य, नवल दृष्टि, जीवन का नया भविष्य, जीवन की नई सृष्टि”
आज भी जमीन से जुड़े हुए हैं अमिताभ बच्चन
अमिताभ बच्चन सदी के महानायक, एंग्री यंग मैन जैसी उपाधियों से नवाजते हैं। सबसे लोकप्रिय टीवी कार्यक्रम कौन बनेगा करोड़पति में अक्सर अपनी बातों में वो इस बात को दोहराते हैं कि वो कितने साधारण बैकग्राउंड से संबंध रखते हैं और आज भी वैसा ही जीवन जीना पसंद करते हैं।अमिताभ जब उत्तर प्रदेश की बोली बोलते हैं, ऐसा लगता है सेट्स पर मिसरी घुल जाती है।
कैसे मिली पहली फिल्म
अमिताभ बच्चन की रुचि शुरुआत से ही फिल्मों में थी, क्योंकि मां तेजी बच्चन ने भी थियेटर्स में काम किया था इसलिए उन्हें अभिनय को करियर के रूप में चुनने के लिए मां का पूरा सपोर्ट मिला। भाई अजिताभ बच्चन को भी उनके अभिनेता बनने के सपने के बारे में अच्छी तरह से पता था। एक बार अजिताभ ट्रेन में सफर कर रहे थे तब उन्हें साथ बैठे शख्स से मालूम हुआ की ख्वाजा अब्बास अपनी फिल्म के लिए नए चेहरे की तलाश कर रहे हैं। अजिताभ ने तुरंत भाई अमिताभ की फोटो कॉन्टेक्ट नंबर के साथ उन्हें दे दी। ख्वाजा अब्बास ने फोटो देखकर अमिताभ को इंटरव्यू के लिए बुलाया। जैसे ही उन्हें पता चला की अमिताभ के पिता हरिवंश राय बच्चन हैं उन्होंने कहा कि वो बिना उनकी इजाजत के अमिताभ को काम नहीं देंगे। इसके बाद ख्वाजा अब्बास ने हरिवंश राय बच्चन को चिट्ठी लिखकर पूरी बात बताई और उनकी सहमति के बाद ही उन्हें काम दिया। इस तरह से अमिताभ बच्चन ने फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ के जरिए फिल्मी दुनियां में राज करने के अपने सफर का पहला कदम बढ़ाया।
लंबे कद और भारी आवाज की हुई थी आलोचना
अमिताभ बच्चन आज जिस कद-काठी और वजनदार आवाज के लिए जाने जाते हैं। एक समय था जब उनकी इसी खासियत की वजह से उन्हें कहीं काम नहीं मिल रहा था। अमिताभ बच्चन ने कई बार इस वाकये का जिक्र कई प्रोग्राम्स में किया है कि उन्हें एक रेडियो स्टेशन में सिर्फ इसलिए नौकरी नहीं मिली थी क्योंकी उनकी आवाज भारी थी। की लोगों ने उन्हें कहा था कि उनकी ये आवाज सुनकर लोग डर जाएंगे। इतना ही नहीं उनके कद की वजह से भी उन्हें फिल्में मिलने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। जब फिल्म जंजीर में अमिताभ बच्चन को कास्ट किया गया था तब भी डायरेक्टर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। लेकिन उसी भारी आवाज और उसी पर्सनालिटी ने उन्हें सबसे अलग बनाया और वो लाखों दिलों की धड़कन बन गए। इसी दमदार आवाज के चलते उनके ये डायलॉग्स आज बच्चे-बच्चे की जुबान पर हैं-
• “मैं आज भी किसी के फेंके हुए पैसे नहीं उठाता…”
• “मूंछे तो तो नत्थूलाल के जैसी, वर्ना ना हो…”
• “रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं, नाम है शहंशाह…”
• “डॉन का इंतजार तो ग्यारह मुल्कों की पुलिस कर रही है…लेकिन डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है…”
• “परंपरा, प्रतिष्ठा, अनुशासन, ये इस गुरुकुल के तीन स्तंभ हैं…”
अमिताभ बच्चन के नाम हैं कई रिकॉर्ड्स
अमिताभ बच्चन एक ऐसे कलाकार हैं जो कभी रुके नहीं। आज 81 साल की उम्र में पहुंचने के बाद और कई प्रकार की शारीरिक परेशानियों को झेलते हुए भी वह लगातार काम करते आ रहे हैं। उन्हें सबसे लंबे समय तक फिल्मी जगत में काम करने वाले अभिनेता के रूप में भी जाना जाता है। वो ऐसे पहले अभिनेता हैं जिन्हें सबसे पहले किसी फिल्म के लिए सबसे ज्यादा 1 करोड़ रुपए फीस दी गई थी। तभी से सबसे महंगे अभिनेता के रूप में उनकी पहचान बनी। इतना ही नहीं अभिताभ बच्चन ने 12 फिल्मों में डबल रोल निभाया है और एक फिल्म में ट्रिपल रोल भी कर चुके हैं। सबसे ज्यादा फिल्मों में कैमियो करने का रिकॉर्ड भी अमिताभ बच्चन के नाम है। अमिताभ बच्चन अब तक 3 बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं और 14 बार फिल्मफेयर अवार्ड से भी नवाजे जा चुके हैं, इतना ही नहीं भारत सरकार की तरफ से भी उन्हें पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किया जा चुका है।