देवरिया। 10 दिन चलने वाले गणेश उत्सव का पर्व भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। चतुर्थी के दिन धूमधाम से गणपति की प्रतिमा लाई जाती है और फिर पूरे विधि-विधान के साथ उनकी स्थापना की जाती है। पंडाल में ही 10 दिन गणेश जी की पूजा, आराधना और सेवा की जाती है फिर दसवें दिन हवन कर गणेश जी की मूर्ति विसर्जित की जाती है। माना जाता है कि गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक गणपति बप्पा पृथ्वी पर आकर भक्तों की सभी मनोकामना पूरी करते हैं।

शुभ योग पर करें गणेश जी की स्थापना

इस बार गणेश चतुर्थी पर रवि योग बन रहा है जो कि स्थापना के लिए सबसे अच्छा मुहूर्त माना जाता है।19 सितंबर को रवि योग सुबह 06 बजकर 08 मिनट से दोपहर 01 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इस बीच गणेश जी की मूर्ति स्थापना और पूजा करना शुभ फलदायी होता है। इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि इस बार गणेश चतुर्थी वाले दिन सुबह से ही भद्रा लग रही है। भद्रा सुबह 6 बजकर 8 मिनट से दोपहर 1 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य वर्जित रहते हैं।

इस शुभ संयोग कर करें शुभ काम
गणेश चतुर्थी का पूरा 10 दिन बहुत शुभ माना जाता है। इन दिनों सोना, चांदी, कार, भूमि लेना शुभ और लाभदायक माना जाता है। इस साल गणेश चतुर्थी पर स्वाति नक्षत्र, विशाखा नक्षत्र और रवि योग बन रहे है, जिन्हें बेहद शुभ योग माना जाता है, इसमें खरीदारी करने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होगा और खरीदी गई वस्तु लंबे समय तक लाभ देंगी। आप 19 सितंबर से 28 सितंबर तक किसी भी दिन खरीदारी कर सकते हैं।