देवरिया। देश में लोकसभा चुनाव जारी हैं कुछ राज्यों में मतदान पूरे हो चुके हैं और कुछ राज्यों में अभी मतदान होने को हैं। ऐसे में किसी भी पार्टी के किसी जिम्मेदार सदस्य के द्वारा दिया गया बयान पार्टी पर असर डाल सकता है। ऐसे संवेदनशील समय में सैम पित्रोदा ने एक बार फिर रंगभेद पर विवादित बयान दिया है। उनके बयान पर देश में नया विवाद शुरु हो गया है, जिसके बाद उन्होंने इंडियन ओवरसीज कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।


किस बयान के बाद देना पड़ा इस्तीफा
सैम पित्रोदा ने एक पॉडकास्ट में कहा कि- “हम भारत जैसे विविधता से भरे देश को एकजुट रख सकते हैं। जहां पूर्वोत्तर के लोग चीनी जैसे लगते हैं, पश्चिम के लोग अरब जैसे दिखते हैं, उत्तर के लोग गोरों और दक्षिण भारतीय अफ्रीकी जैसे लगते हैं।” पित्रोदा के इस बयान को रंगभेद से प्रभावित बताकर विवाद खड़ा हो गया है। उनके इस बयान पर भी कांग्रेस ने उनका किसी प्रकार से कोई बचाव नहीं किया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा- “कि सैम पित्रोदा की तरफ से भारत की विविधताओं को जो उपमाएं दी गई हैं, वह अत्यंत गलत और अस्वीकार्य हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इन उपमाओं से अपने आप को पूर्ण रूप से अलग करती है।”


पित्रोदा ने अपनी मर्जी से दिया बयान
अपने बयानों से लगातार विवादों में रहने और फिर कांग्रेस की तरफ से भी किसी प्रकार का बचाव नहीं किए जाने के बाद सैम पित्रोदा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि सैम पित्रोदा ने अपनी मर्जी से अपना पद छोड़ा है। इस बात की जानकारी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने ट्विट के माध्यम से दी। जयराम रमेश ने लिखा- “श्री सैम पित्रोदा ने अपनी मर्ज़ी से इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने उनका इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है।”


पीएम मोदी ने कांग्रेस को घेरा
सैम पित्रोदा के इस बयान पर पीएम मोदी ने पूरी कांग्रेस को घेरा। तेलंगाना के वारंगल दौरे में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि- “चमड़ी के रंग के आधार पर देशवासियों का अपमान नहीं सहेंगे।मैं बहुत गुस्से में हूं आज दोस्तो। मुझे कोई गाली दे, मुझे गुस्सा नहीं आता। मैं सहन कर लेता। लेकिन आज शहजादे के फिलॉस्फर ने इतनी बड़ी गाली दी है जिससे मुझमें गुस्सा भड़क गया है। कोई मुझे बताइए, क्या मेरे देश में चमड़ी के रंग के आधार पर लोगों की योग्यता तय होगी? ये चमड़ी के रंग का खेल शहजादे को किसने इजाजत दी है। संविधान सिर पर लेकर नाचने वाले लोग चमड़ी के रंग के आधार पर मेरे देशवासियों का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि त्वचा का रंग कोई भी हो, देशवासी भगवान श्री कृष्ण की पूजा करते हैं, जिनकी त्वचा का रंग भी हम सभी की तरह था।”