देवरिया। भारत की सांस्कृतिक विरासत और बौद्ध आस्था के इतिहास में आज का दिन इतिहास के रूप में दर्ज किया जाएगा। ब्रिटेन में वर्षों से मौजूद भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष आखिरकार 127 साल बाद भारत लौट आए हैं। इन अवशेषों को उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में स्थित पिपरहवा बुद्ध मंदिर में पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ स्थापित किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके की तस्वीर साझा करते हुए कहा, “यह भारत की सांस्कृतिक धरोहर और भगवान बुद्ध के प्रति हमारी आस्था का प्रतीक है। हर भारतीय के लिए यह गर्व का क्षण है।”

नीलामी से बचाकर लाए गए पवित्र अवशेष

आपको बता दें कि कुछ समय पहले तक ये पवित्र अवशेष नीलामी की कगार पर थे। ब्रिटेन में क्रिस पेपे नाम के व्यक्ति द्वारा इन्हें प्रसिद्ध नीलामी संस्था ‘सोथेबी’ के माध्यम से बेचा जाना था। जैसे ही भारत सरकार को इसकी भनक लगी, संस्कृति मंत्रालय ने 5 मई 2024 को एक कड़ा कानूनी नोटिस जारी कर नीलामी पर रोक लगवा दी। सरकार ने स्पष्ट किया कि ये अवशेष भारत और वैश्विक बौद्ध समुदाय की अमूल्य धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर हैं और इनकी नीलामी न केवल अनैतिक है बल्कि भारतीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन भी।

1898 में हुई थी खुदाई

इन अवशेषों की कहानी 1898 से शुरू होती है, जब ब्रिटिश इंजीनियर विलियम पेपे ने सिद्धार्थनगर के पिपरहवा क्षेत्र में एक प्राचीन बौद्ध स्तूप की खुदाई की थी। खुदाई में एक विशाल पत्थर का पात्र मिला, जिसमें भगवान बुद्ध की अस्थियाँ, क्रिस्टल और सोपस्टोन की पवित्र कलशियां, और 1,800 से अधिक कीमती रत्न जैसे मोती, माणिक, नीलम, टोपाज और सुनहरी चादरें मिली थीं। इनमें से अधिकतर धरोहरों कोलकाता स्थित इंडियन म्यूजियम में भेज दिया गया था। लेकिन खुदाई करने वाले विलियम पेपे को कुछ अवशेष अपने पास रखने की अनुमति मिली थी, जो उनके परिवार के पास पीढ़ियों तक सुरक्षित रहे। इन्हीं अवशेषों को उनके वंशज क्रिस पेपे नीलाम करने वाले थे।

भारत की ऐतिहासिक पहल

भारत सरकार की त्वरित और सख्त कार्रवाई के चलते नीलामी को रोका गया और भारत की मांग पर ब्रिटेन ने ये पवित्र अवशेष भारत को सौंप दिए। यह कदम न सिर्फ भारत की सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक है, बल्कि वैश्विक स्तर पर हमारी विरासत की रक्षा का संदेश भी देता है। अब जब ये अवशेष अपने मूल स्थान पर लौट आए हैं, तो यह पल न केवल बौद्ध अनुयायियों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गौरवपूर्ण बन गया है

सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया पोस्ट

प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी एक्स पर पोस्ट कर अवशेष वापस भारत आने और उत्तर प्रदेश में स्थापित किए जाने पर खुशी जाहिर की और बधाई भी दी। उन्होंने लिखा-

“यह सौभाग्यशाली क्षण आपके पुरुषार्थ, अथक परिश्रम, दूरदृष्टि एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का सुफल है आदरणीय प्रधानमंत्री जी!

127 वर्षों की दीर्घ प्रतीक्षा के पश्चात भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेष के स्वदेश वापसी पर हर भारतीय हर्षित और श्रद्धा से अभिभूत है।

भगवान बुद्ध और उनकी महान शिक्षाओं के साथ भारत के जन-मन की आत्मीय घनिष्ठता, इन पवित्र अवशेषों के माध्यम से जीवंत हो गई है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए आपका हार्दिक आभार!”