देवरिया। ये गणतंत्र दिवस दो वजहों से बेहद खास रहा। पहला तो इसलिए क्योंकि इस बार हमने अपना 75वां गणतंत्र दिवस मनाया। दूसरी खास बात यह रही कि यह गणतंत्र दिवस भारत की महिला शक्ति को समर्पित रहा। परेड से लेकर झांकियों तक वुमन पावर की धूम रही। आइए जानते हैं इस गणतंत्र दिवस परेड में क्या खास-खास बातें रही।
शंखनाथ के साथ हुई गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत
इस बार पहली बार ऐसा हुआ कि गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत शंख और ढोल-नगाड़े बजाकर की गई। देश ने अपना 75वां गणतंत्र दिवस, महिला शक्ति को समर्पित किया। गणतंत्र दिवस की परेड भी महिलाओं पर केंद्रित रही। परेड की थीम ‘विकसित भारत’ और ‘भारत-लोकतंत्र की मातृका’ रखी गई थी। परेड का आगाज 100 महिला कलाकारों ने शंख, नगाड़े और दूसरे पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाकर किया। कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों से तकरीबन 1500 महिलाओं ने अपने पारंपरिक पहनावे में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।

सेना की परेड में महिलाओं ने की अगुवाई
पहली बार तीनों सेनाओं की एक महिला टुकड़ी ने भी मार्च किया। केंद्रीय सशस्त्र बलों की टुकड़ियों में महिलाकर्मियों ने भी हिस्सा लिया। महिला केंद्रदित समारोह रखने के पीछे का उद्देश्य लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इस साल दिल्ली पुलिस के बैंड की अगुवाई महिला कॉन्स्टेबल रुयागनुओ केनसे ने किया। इस बैंड में कुल 135 कॉन्स्टेबल हैं। इस बार पहली बार ऐसा हुआ कि इंडियन आर्मी, एयरफोर्स और नेवी की महिला अग्निवीरों का जॉइंट दस्ता भी शामिल हुआ।
छत्तीसगढ़ की स्वच्छता दीदियां बनी विशेष अतिथि
इस बार गणतंत्रता दिवस पर कुछ विशेष अतिथी शामिल हुए, इनमें छत्तीसगढ़ की 16 स्वच्छता दीदियां शामिल हुईं। इन्हें अपने परिजनों के साथ गणतंत्र दिवस समारोह देखने का मौका मिला। ये स्वच्छता दीदियां 24 जनवरी को ही परिवार समेत उन्हें रायपुर से दिल्ली पहुंच गई थीं। 25 जनवरी को इन्होंने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी मुलाकत की। एक स्वच्छता दीदी के साथ उनके एक परिजन को भी आमंत्रित किय गया था।
19 राज्यों के 250 गांवों के सरंपच हुए शामिल
इस बार समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में देश के 19 राज्यों के 250 गांव के पंचायत प्रतिनिधि भी शामिल हुए। पंचायत प्रतिनिधियों को उनके पति और पत्नियों समेत आने का न्योता दिया गया था। परेड में देशभर से कुल 373 पंचायत प्रतिनिधी परिवार समेत शामिल हुए। सभी को वीआईपी दीर्घा में स्थान दिया गया था।
गणतंत्र दिवस 2024 के समारोह में निकली परेड भी महिला सशक्तिकरण की थीम पर निकाली गई थी। ज्यादातर झांकियां देश की महिला शक्ति और विकसित भारत को समर्पित थीं। साथ ही देश की संस्कृति और परंपरा पर आधारित झांकियां भी शामिल थी। इस गणतंत्र दिवस पर दो दर्जन से ज्यादा झांकियां निकाली गई थी, जिसमें 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां शामिल थीं।

उत्तर प्रदेश की झांकी ने खींचा सबका ध्यान
सभी झांकियों में उत्तर प्रदेश की झांकी को सबसे ज्यादा पसंद किया गया। उत्तर प्रदेश की झांकी राम मंदिर और विकसित भारत पर केंद्रित थी। इस झांकी में आगे रामलला का स्वरूप और पीछे रैपिड रेल की झलक दिखाई गई। इसमें भगवान राम के जन्मस्थान के जरिए ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को प्रदर्शित किया गया और साहिबाबाद स्टेशन से निकली नमो भारत ट्रेन को दिखाया गया है। इस तरह से प्रदेश के विकास और धार्मिक आस्था से जुड़े राम मंदिर को भी दिखाया गया।

मध्यप्रदेश की झांकी में दिखी महिलाओं की आत्मनिर्भरता
परेड में मध्य प्रदेश की झांकी भी देखने को मिली है। झांकी में राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर महिलाओं के द्वारा बनाया जाने वाला एमपी के मशहूर चंदेरी कला को दर्शाया गया है। इसमें ‘भारत की बाजरा महिला’ की टैगलाइन के साथ मध्य प्रदेश की आदिवासी महिला लहरी बाई की प्रतिकृति भी शामिल थी।

छत्तीसगढ़ ने दिखाया आदिवासी समाज में महिलाओं का महत्व
गणतंत्र दिवस परेड के लिए छत्तीसगढ़ की झांकी का भी प्रदर्शन हुआ। जिसमें बस्तर की मुरिया जनजाति द्वारा लगाई जाने वाला ‘मुरिया दरबार’ को दर्शाया गया था। जिसमें दिखाया गया था कि बस्तर का आदिवासी समुदाय सदियों से ऐसी परंपराएं निभा रहा है जिसमें समाज में महिलाओं को महत्व दिया जाता है।
मणिपुर की झांकी में दिखा महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाला बाजार
मणिपुर की झांकी में दुनिया के एकमात्र ऐसे बाजार की झलक दिखाई गई, जो केवल महिलाओं द्वारा चलाया जाता है। यह बाजार “नारी शक्ति” का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाले इस बाजार के माध्यम से वहां की सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाया गया।

लद्दाख ने दिखाया राज्य में महिला सशक्तिकरण
लद्दाख की झांकी में भी महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन प्रदर्शन किया गया। झांकी में लड़कियों को बर्फ में आइस हॉकी खेलते हुए दिखाया गया, जो केंद्र शासित प्रदेश में महिला सशक्तीकरण की यात्रा को दिखाता है। भारतीय महिला आइस हॉकी टीम में सभी खिलाड़ी लद्दाख से हैं।