देवरिया। सावन के तीसरे सोमवार को बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, डमरू के नाद से गूंज उठी। महाकाल के 1500 भक्तों ने एक साथ डमरू बजाकर एक विश्व रिकॉर्ड कायम किया। सावन के महीने में शिव जी को प्रिय डमरू की आवाज जब एक साथ निकली तो पूरा उज्जैन गूंज उठा। प्रदेश के सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने भी उज्जैन वासियों को इस आयोजन के लिए बधाई दी है।


शक्तिपथ पर बना ये विश्व रिकॉर्ड
सोमवार को बाबा महाकाल की तीसरी सवारी निकली थी इसी दौरान उनको प्रिय डमरू एकसाथ बजाया गया। डमरू वादन का ये अनोखा रिकॉर्ड महाकाल लोक के शक्तिपथ पर बनाया गया। जो भी भक्त इस आयोजन का साक्षी बना वो डमरू की नाद में खोता चला गया। इस भव्य आयोजन में डमरू वादकों का 25 दल शामिल हुआ जिसमें कुल पंद्रह सौ वादक शामिल हुए। डमरू का वादन एक साथ भस्म आरती की धुन पर किया गया। मंत्रमुग्ध कर देने वाला यह आयोजन अब सोशल मीडिया पर भी छाया हुआ है।


इससे पहले 448 डमरू बजाने का था रिकॉर्ड
इससे पहले 448 डमरू एकसाथ बजाने का रिकॉर्ड बनाया गया था, यह रिकॉर्ड फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन न्यूयॉर्क ने बनाया था। उज्जैन में 1500 डमरू एक साथ बजाकर पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया गया है। सावन में निकलने वाली महाकाल की पहली सवारी में जनजातीय लोक कलाकारों ने लोकनृत्य का प्रदर्शन किया था और दूसरी सवारी में 350 सदस्यीय पुलिस बैंड की प्रस्तुति दी गई थी।