देवरिया। तेलंगाना के श्री शैलम लेफ्ट बैंक केनाल में हुए हादसे को 3 दिन हो चुके हैं लेकिन अंदर फंसे 8 मजदूरों तक मदद नहीं पहुंच पा रही है। राहत और बचाव कार्य में जुटी टीम को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रह है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम लगातार कोशिशों में लगी हुई है लेकिन अब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिल पाई है।
रैट माइनर्स को सौंपा गया काम
3 दिनों बाद भी सफलता नहीं मिलने पर अब बचाव कार्य का जिम्मा रैट माइनर्स को दो दे दिया गया है। ये वहीं रैट माइनर्स हैं जिन्होंने सिल्क्यारा टनल हादसे में फंसे मजदूरों की जान बचाई थी। सोमवार की शाम 6 रैट माइनर्स की टीम पहुंच चुकी थी। बताया जा रहा है कि बुधवार को कुछ और रैट माइनर्स मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू के काम को तेज करेंगे।
रेस्क्यू में क्यों आ रही इतनी दिक्कत
टनल के अंदर किसी भी तरह का रेस्क्यू करना वैसे भी मुश्किल काम होता है। टनल के ढहने से जमा हुआ भारी मात्रा में मलबा रेस्क्यू के काम में सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आ रहा है। सिलक्यारा टनल में भी मलबा बहुत ज्यादा था लेकिन वहां सूखा मलबा था जिसे धीरे-धीरे करके हटा लिया गया था। वहीं श्रीशैलम टनल बांध के पास होने की वजह से यहां गीला मलबा है जिसकी वजह से रेसक्यू में इतना समय लग रहा है। टनल के अंदर घुटनो तक पानी और मलबा भरा पड़ा है।
कब हुआ हादसा
ये हादसा 22 फरवरी का है जब टनल के अंदर निर्माणकार्य के दौरान अचानक छत का एक हिस्सा गिर गया। हादसे के वक्त अंदर 8 मजदूर काम कर रहे थे जो अंदर ही फंसे हुए हैं। अंदर फंसे मजदूरों की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्हें आवाज लगाई गई लेकिन उन तक कोई आवाज पहुंची या नहीं इसका भी कोई प्रमाण नहीं है। हालांकी मजदूरों तक एंडोस्कोपी कैमरे पहुंचाने की कोशिश की जा रही है ताकी मजदूरों से बात हो सके और उन तक खाने पीने का सामान पहुंचाया जा सके।