देवरिया। राम लला की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठानों की विधि के अनुरुप गर्भ गृह में पधार चुकी है। राम लला की यह मूर्ति खड़ी हुई मुद्रा में है। बाल रूप में भगवान श्रीराम ने हाथ में तीर और धनुष धारण किया हुआ है।भगवान के चेहरे की मोहक मुस्कान ने सभी का मन मोह लिया है।


सोशल मीडिया पर छाई मन मोह लेने वाली छवि
राम लला की मन मोह लेने वाली छवि सोशल मीडिया पर छाई हुई है। हर कोई उनकी इस छवि को शेयर कर रहा है। हालांकी आधिकारिक रूप से ट्रस्ट ने मूर्ति की तस्वीर शेयर नहीं की है। राम लला की इस प्रतिमा में मूर्तिकार की कला और लगन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। चेहरे पर छोटे बालक की मासूमियत और रघुवंश का तेज दोनों ही संतुलित रूप में दिखाई दे रहा है। यह प्रतिमा चमकदार काले पत्थर से 51 इंच की बनाई गई है। अभिषेक और श्रृंगार के बाद यह प्रतिमा और भी अधिक आकर्षित करेगी।


मूर्तिकार अरुण योगीराज ने सभी मानकों का रखा है ध्यान
मैसूर के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने श्री राम की मूर्ति के लिए वांछित सभी मानकों का ध्यान रखा है। उन्होंने मूर्ति को 51 इंच की ऊंचाई दी है और चेहरे पर 5 साल के बालक सी मासूयमियत है। बताया जा रहा है कि मूर्ति निर्माण के दौरान अरुण योगीराज अपने किसी भी परिचित या परिजनों से मिलते नहीं थे ना ही उन्होंने किसी से बात की थी। ताकी उनका सारा ध्यान मूर्ति बनाने में एकाग्रचित हो जाए।


सबके मन में सवाल श्रीराम के बाल रूप और भाइयों को कहां रखा जाएगा
राम लला की प्रतिमा जिसकी स्थापना होने वाली है। मूर्ति के सामने आने के बाद भक्तों के मन में यह सवाल है कि अब श्री राम के मूल रूप की प्रतिमा जिसमें वह बाल रूप में हाथ में लड्डू लिए हुए हैं उन्हें कहा स्थापित किया जाएगा। आपको बता दें अब तक मिली जानकारी के अनुसार बाल राम और उनके तीनों भाइयों को भी मुख्य गर्भगृह में राम लला की मूर्ति के ठीक सामने स्थापित किया जाएगा। राम लला के बाल रूप की मूर्ति 6 इंच है और इनके भाइयों और हनुमान जीकी मूर्ति उनसे भी कुछ छोटी है। इसलिए मुख्य रूप से 51 इंच की मूर्ति का निर्माण कराया गया है और उसे ही पूरे विधि-विधान और अनुष्ठान के बाद स्थापित किया जाएगा।