देवरिया। अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर में 5 जून को प्रथम तल पर राम दरबार की मूर्तियों की स्थापना हुई। मकराना के सुंदर सफेद संगमरमर से बनी राम सीता की सिंहासन पर बैठी मूर्तियों को पूरे विधि विधान से स्थापित किया गया। साथ में लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी की भी मूर्ति स्थापित की गई है। प्राण प्रतिष्ठा का पूरा कार्यक्रम अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11.25 से 11.40 बजे के बीच हुई।

सीएम योगी आदित्यनाथ हुए शामिल
राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा में प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। प्रतिष्ठा वाले दिन ही सीएम योगी का जन्मदिन भी था। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा- “प्रधानमंत्री मोदी आधुनिक भारत के भगीरथ हैं। नमामि गंगे परियोजना से पीएम ने गंगा की पवित्रता को फिर से हासिल किया। सभी जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वो अपने-अपने जिले की एक नदी को पुनर्जीवित करें। नदियों में न सीवर डाला जाए, न नाले गिराए जाएं, न मरे हुए जानवर फेंके जाएं।”

राम दरबार को दान में मिले आभूषण
प्राण प्रतिष्ठा के दिन ही राम दरबार को सूरत के कारोबारी मुकेश पटेल ने हीरे और सोने-चांदी के आभूषण दान में दिए। दान के आभूषणों में एक हजार कैरेट का हीरा, 30 किलो चांदी, 300 ग्राम सोना, 300 कैरेट रुबी से 11 मुकुट बनाए गए हैं। साथ ही गले का हार, कान के कुंडल, माथे का तिलक, चारों भाइयों के लिए धनुष-बाण भी दान दिए गए हैं। इन आभूषणों को खास चार्टड प्लेन से अयोध्या पहुंचाया गया था।
दूसरे देवी देवताओं के भी हुई प्राण प्रतिष्ठा
राम दरबार के अलावा परकोटे में बने 6 मंदिरों में भी अलग-अलग देवी देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा कराई गई। इन मंदिरों में भगवान शिव, श्रीगणेश, हनुमान, सूर्य भगवान, मां भगवती, मां अन्नपूर्णा के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा कराई गई। प्राण प्रतिष्ठा के इस कार्यक्रम में सिर्फ 350 लोगों को आमंत्रित किया गया था।