देवरिया। लोकसभा चुनाव के लिए अमेठी और रायबरेली से कांग्रेस उम्मीदवार का इंतजार और सस्पेंस अब खत्म हो चुका है। कांग्रेस ने रायबरेली से राहुल गांधी और अमेठी से केएल शर्मा के नाम का ऐलान, लोकसभा कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में कर दिया है। रायबरेली और अमेठी दोनों ही सीटों पर कांग्रेस का दबदबा रहा है। ये दोनों लोकसभा सीटें उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है। वहीं बीजेपी ने अमेठी से स्मृति ईरानी और रायबरेली से दिनेश प्रताप सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है।
राहुल गांधी ने दाखिल किया नामांकन
राहुल गांधी के नाम का ऐलान होने के बाद राहुल गांधी ने शुक्रवार को ही रायबरेली के कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया। नामांकन की प्रक्रिया पूरी करते वक्त राहुल गांधी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी और राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत मौजूद रहे। आपको बता दें राबरेली और अमेठी दोनों लोकसभा सीटों पर 20 मई को मतदान होने हैं।
कौन हैं अमेठी से कांग्रेस प्रत्याशी केएल शर्मा
केएल शर्मा लंबे समय से गांधी परिवार के करीबी रहे हैं। पिछले चार दशकों से केएल शर्मा कांग्रेस सांसदों के लिए, सांसद प्रतिनिधि के रूप में काम करते आ रहे हैं। केएल शर्मा यानी की किशोरी लाल शर्मा मूल रूप से लुधियाना के रहने वाले हैं। 1983 में राजीव गांधी ने उन्हें पार्टी कार्यकर्ता के रूप में अमेठी बुलाया था। उसके बाद से ही केएल शर्मा अमेठी में ही गांधी परिवार के साथ जुड़े हुए हैं। लंबे समय से अमेठी में केएल शर्मा ने कांग्रेस के साथ मिलकर स्थानीय समस्याओं का समाधान भी किया है। इसलिए शर्मा की इस क्षेत्र में काफी पकड़ मानी जाती है। शर्मा गांधी परिवार के बेहद खास और विश्वसनीय लोगों में से माने जाते हैं।
इस बार भी अटकलों तक ही सीमित रहा प्रियंका का नाम
प्रियंका गांधी वाड्रा वैसे तो 2004 से ही राजनीति में सक्रिय हैं लेकिन उन्होंने एक बार भी प्रत्याशी के रूप में चुनावों में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने हमेशा ही पार्टी के लिए काम किया और चुनाव प्रचार में भाग लिया है। फिलहाल प्रियंका उत्तर प्रदेश अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव के रूप में काम कर रही हैं। 2019 के लोकसभा चुनावों में भी प्रियंका के वाराणसी सीट से पीएम मोदी के खिलाफ खड़े होने की उम्मीद जताई गई थी। लेकिन कांग्रेस ने अजय राय को उम्मीदवार बनाया था। इस बार भी राजनीतिक गलियारों में रायबरेली से प्रियंका के चुनाव लड़न की चर्चा तेज थी लेकिन इस बार भी प्रियंका की उम्मीदवारी सिर्फ कयासों तक ही सीमित रह गई।