देवरिया। साल 2022 में गिरफ्तार भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को कतर की एक अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। सभी पूर्व अधिकारी कतर की एक निजी कंपनी में काम कर रहे थे। इस मामले पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि मौत की सजा के फैसले से हम हैरान हैं और विस्तृत फैसले की कॉपी का हम इंतजार कर रहे हैं।
हम सभी कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं: भारतीय विदेश मंत्रालय
कतर के इस फैसले पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी हैरानी जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा- “हम परिवार के सदस्यों और कानूनी टीम के संपर्क में हैं और सभी कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं। इस मामले को बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं और इस पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। हम सही तरह की कानूनी सहायता देना जारी रखेंगे। फैसले को कतर के अधिकारियों के सामने भी उठाएंगे।” विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि- “ये आठ लोग कतर में स्थित अल दहारा कंपनी में काम करते हैं। इस मामले में कार्यवाही की गोपनीय प्रकृति के कारण फिलहाल कोई और टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।”
किसी आरोप में दी गई है सजा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कतर में कार्यरत इन अधिकारियों पर आरोप है कि वो सबमरीन प्रोग्राम को लेकर जासूसी कर रहे थे। एक साल से जेल में बंद इन नौसेना पूर्व अधिकारियों को भारत काउंसलर एक्सेस के जरिए रिहा कराने की कोशिश में लगा हुआ था।
