देवरिया। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रायबरेली और वायनाड दोनों ही सीटों में जीत दर्ज की थी। नियम के अनुसार दो सीट जीतने पर उन्हें एक सीट छोड़नी थी। अब राहुल गांधी ने दोनों सीटों में से यूपी की रायबरेली सीट पर बने रहने का फैसला किया है। राहुल रायबरेली के सांसद के रूप मे लोकसभा जाएंगे। अब राहुल गांधी को वायनाड लोकसभा सीट से सांसद के रूप में इस्तीफा देना होगा और इस सीट पर उप चुनाव होंगे। कांग्रेस ने राहुल के रायबरेली सीट को चुनने के ऐलान के साथ ही वायनाड से प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की भी घोषणा कर दी है।
प्रियंका गांधी होंगी वायनाड उपचुनाव में प्रत्याशी
अब जबकी वायनाड सीट पर लोकसभा के लिए उपचुनाव होने हैं ऐसे में कांग्रेस ने पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। आपको बता दें प्रियंका गांधी ने अब तक किसी भी चुनाव में प्रत्याशी के रूप में सामने नहीं आई हैं। उन्होंने हमेशा पार्टी के लिए काम किया और मां के साथ भाई के लिए भी हर बार चुनाव प्रचार में भाग लिया है। अब ऐसा पहली बार होगा जब प्रियंका गांधी किसी सीट से चुनाव लड़ेंगी। नियमानुसार, रिजल्ट घोषित होने के 14 दिन के भीतर एक सीट छोड़नी होती है। 4 जून को चुनाव के नतीजे आए थे। यानी 18 जून तक की डेडलाइन थी।
कांग्रेस संसदीय समिति की मीटिंग के बाद हुआ फैसला
सोमवार को कांग्रेस नेताओं ने अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर बैठक कर इस बात का फैसला किया। इसमें कांग्रेस संसदीय समिति की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, सांसद राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल मौजूद थे। इस मीटिंग में तय हुआ कि राहुल गांधी रायबरेली से सांसद बने रहेंगे और प्रियंका गांधी वायनाड से इलेक्शन लड़ेंगी। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया।
वायनाड और रायबरेली से मेरा भावनात्मक रिश्ता: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, “वायनाड और रायबरेली से मेरा भावनात्मक रिश्ता है। मैं पिछले 5 साल से वायनाड से सांसद था। मैं लोगों को उनके प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं।” इस दौरान राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी के एक पुराने स्लोगन ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का प्रयोग करते हुए कहा कि वह वायनाड से उपचुनाव लड़ेंगी।
राहुल गांधी ने कहा, “मैं समय-समय पर वायनाड का दौरा भी करूंगा। मेरा रायबरेली से पुराना रिश्ता है, मुझे खुशी है कि मुझे फिर से उनका प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा, लेकिन यह एक कठिन निर्णय था।”
राहुल की अनुपस्थिति महसूस नहीं होने दूंगी- प्रियंका
प्रियंका गांधी ने कहा, “वायनाड का प्रतिनिधित्व करने को लेकर मुझे काबिल समझने के लिए मैं खुश हूं। मैं वायनाड को राहुल गांधी की अनुपस्थिति महसूस नहीं होने दूंगी। मैं कड़ी मेहनत करूंगी। सभी को खुश करने और अच्छा प्रतिनिधि बनने की पूरी कोशिश करूंगी।” प्रियंका गांधी ने कहा, “मेरा भी रायबरेली और अमेठी से बहुत पुराना रिश्ता है। इस रिश्ते को तोड़ा नहीं जा सकता। मैं भी रायबरेली में अपने भाई की मदद करूंगी। हम दोनों रायबरेली और वायनाड के लिए खड़े रहेंगे।”