देवरिया। वायनाड सीट से 4 लाख से ज्यादा मतों से जीतकर आईं प्रियंका गांधी ने गुरुवार को सांसद के रूप में शपथ ले ली। शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने संविधान की कॉपी अपने हाथ में रखी हुई थी। शपथ ग्रहण के दौरान उनके परिवार के बाकी सदस्य भी संसद में मौजूद थे।

पहले चुनाव में ही मिली बंपर जीत
आपको बता दें प्रियंका गांधी ने पहली बार कोई चुनाव लड़ा है। पहली बार में ही उन्होंने भारी मतों से जीत हासिल की है। 34 साल से अमेठी-रायबरेली, 2018 से महासचिव बनकर यूपी और फिर 2024 में देशभर में कांग्रेस के प्रचार की कमान संभाली थी।

राहुल गांधी के सीट छोड़ने पर हुआ उप चुनाव
लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के वायनाड सीट छोड़ने पर वहां उप चुनाव कराए गए थे। प्रियंका ने 4 लाख वोटों से जीत हासिल करके रिकॉर्ड कायम किया है। वायनाड उपचुनाव में प्रियंका गांधी को 6 लाख 22 हजार 338 वोट मिले थे। वहीं, सीपीआई के उम्मीदवार सत्यम मोकेरी दूसरे स्थान पर रहे थे। उन्हें 2 लाख 11407 वोट मिले थे। इस उपचुनाव में बीजेपी तीसरे स्थान पर रही थी। बीजेपी की उम्मीदवार नव्या हरिदास के खाते में लगभग 2 लाख वोट आए थे।


पहली बार सांसद बनीं प्रियंका गांधी
ये पहली बार होगा जब प्रियंका गांधी किसी संवैधानिक पद को ग्रहण करेंगी। इससे पहले वह राजनीति में सक्रिय रही हैं लेकिन उन्हेंने अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा था। साल की शुरुआत में हुए आम चुनाव में राहुल गांधी वायनाड और रायबरेली दोनों सीटों से जीते थे, जिसके बाद उन्होंने केरल के वायनाड की सीट खाली कर दी थी। उसके बाद वायनाड में उपचुनाव हुआ जिसमें जीत प्रियंका गांधी की हुई। यह पहली बार होगा जब गांधी परिवार के तीन सदस्य एक साथ संसद में दिखेंगे। राहुल गांधी पहले से ही लोकसभा में हैं तो व सोनिया गांधी राज्यसभा की सदस्य हैं। आज प्रियंका गांधी के शपथ लेने के बाद वह उन सांसदों की सूची में शामिल हो जाएंगी, जिनके परिवार का कम से कम तीन सदस्य संसद के किसी भी सदन में है।